हरीराम गुप्ता, सुलतानपुर

डायल 112 की तर्ज पर अब एंबुलेंस की गाड़ियां भी घटनास्थल पर पहुंचकर मरीजों को समय से अस्पताल पहुंचाने का काम करेंगी।

रिस्पांस टाइम कम करने के लिए चयनित किए गए हाट स्पाट (दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र) पर ही एंबुलेंस को हमेशा खड़ा किया जाएगा। किसी भी हादसे के वक्त पीड़ित द्वारा फोन करने पर यह एंबुलेंस चंद मिनटों में ही मौके पर पहुंच जाएंगी, जिससे हताहत लोगों को जल्द अस्पताल पहुंचाया जा सके।

यातायात पुलिस की मदद से जिले में कुल 33 ऐसे हाट स्पाट का चयन किया गया है, जहां अक्सर हादसे होते रहते हैं। पीड़ित या किसी राहगीर द्वारा फोन करने पर दूरी अधिक होने की वजह से मौके पर पहुंचकर राहत पहुंचाने में काफी वक्त लग जाता था। ज्यादा वक्त लगने से कभी-कभी पीड़ित की मौत भी हो जाती है। इसलिए रिस्पांस टाइम को कम करने के लिए चयनित किए गए हाट स्पाट के आसपास ही एंबुलेंस को खड़ी करने की योजना तैयार की गई। 108 एंबुलेंस के प्रोग्राम मैनेजर सुमित प्रताप सिंह ने बताया कि एक एंबुलेंस पर दो प्रशिक्षित कर्मचारियों को शिफ्ट के हिसाब से तैनात किया जाएगा।

जिला अस्पताल में रहती थी तैनाती : एंबुलेंस की गाड़ियों को जिला अस्पताल परिसर में खड़ा किया जाता था। कंट्रोल रूम से सूचना मिलने पर रूट के आधार पर यहीं से गाड़ियों को घटनास्थल पर भेजा जाता है। कालर की लोकेशन दूर होने की वजह से गाड़ियां समय से नहीं पहुंच पाती हैं। इसके अलावा अस्पताल में मरीजों, तीमारदारों की भीड़ व वाहनों की अधिकाधिक संख्या के चलते भी एंबुलेंस के निकलने में काफी वक्त लग जाता है।

इन स्थलों पर तैनात की गई एंबुलेंस : अमहट से जौनपुर रोड पर छह एंबुलेंस की तैनाती की गई है। सुलतानपुर से हालियापूर-बल्दीराय व आजमगढ़ रोड पर पांच-पांच, अयोध्या, अकबरपुर रोड पर तीन-तीन अमहट से लखनऊ रोड पर चार, प्रतापगढ़ व अमेठी रोड पर भी एक-एक गाड़ियों लगाया गया है। कादीपुर से दोस्तपुर, कादीपुर से अखंडनगर, लम्भुआ से दुर्गापुर, बरौंसा से बिरसिंहपुर, शिवगढ़ से प्रतापगढ़ रोड पर भी एक-एक गाड़ियों की तैनाती की गई है। इस कार्य में एंबुलेंस सेवा के जिला प्रभारी अभिनंदन मिश्रा द्वारा भी बेहतर भूमिका निभाई जा रही है।

Edited By: Jagran