सोन नदी पर निर्माणाधीन पावर प्लांट में 12 घंटे काम के बदले 400 रुपये देने पर भड़के मजदूर
सोनभद्र में सोन नदी पर बन रहे पावर प्लांट में मजदूरों को 12 घंटे काम के लिए 400 रुपये मिलने ...और पढ़ें

सोनभद्र पावर प्लांट में कम मजदूरी और लंबे काम के घंटों के खिलाफ मजदूरों का प्रदर्शन।
HighLights
12 घंटे काम के बदले 400 रुपये मजदूरी का विरोध।
8 घंटे काम के लिए 500 रुपये मजदूरी की मांग।
शोषण का आरोप, काम रोका, प्रशासन से हस्तक्षेप की अपील।
जागरण संवाददाता, कोन (सोनभद्र)। सोन नदी पर तरिया क्षेत्र में निर्माणाधीन पावर प्लांट में निजी कंपनी की ओर से मजदूरों को 12 घंटे काम के बदले 400 रुपये मजदूरी दिए जाने का मामला सामने आया है। कम मजदूरी से नाराज मजदूरों ने गुरुवार को निर्माण कार्य रोक दिया। मजदूरों ने आठ घंटे काम के लिए 500 रुपये मजदूरी देने की मांग करते हुए कंपनी के कर्मचारियों पर शोषण का आरोप लगाया।
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि विदेश कुमार के नेतृत्व में मजदूरों ने कार्यस्थल पर पहुंचकर अपनी मांग रखी। मजदूरों का कहना है कि उनसे प्रतिदिन करीब 12 घंटे काम कराया जा रहा है, लेकिन इसके बदले महज 400 रुपये मजदूरी दी जा रही है। मजदूरों ने आठ घंटे की कार्य अवधि निर्धारित करते हुए 500 रुपये प्रतिदिन मजदूरी देने की मांग की।
मांग पूरी नहीं होने पर उन्होंने काम करने से इनकार कर दिया और निर्माण कार्य रोक दिया। मजदूरों ने कहा कि पावर प्लांट के निर्माण से क्षेत्र में प्रदूषण का असर स्थानीय लोगों को झेलना पड़ेगा। ऐसे में स्थानीय मजदूरों को रोजगार के साथ उचित मजदूरी भी मिलनी चाहिए। उन्होंने जिला प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर मजदूरी का उचित निर्धारण कराने की मांग की है।
मजदूरों का कहना है कि यदि क्षेत्र के लोग पावर प्लांट से होने वाले प्रदूषण और अन्य प्रभावों को झेलेंगे तो निर्माण कार्य में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता के साथ उचित मजदूरी भी मिलनी चाहिए। मजदूरों ने चेतावनी दी कि मांग पर सकारात्मक निर्णय नहीं होने तक वे काम शुरू नहीं करेंगे। इस दौरान बासदेव चेरो, रामलखन चेरो, अखिलेश चेरो, सुरेंद्र कुमार समेत दर्जनों मजदूर मौजूद रहे।
