जागरण संवाददाता, सोनभद्र : जिले में स्वास्थ्य विभाग से संचालित 108, 102 व एडवांस लाइफ सर्विस एंबुलेंस कर्मियों ने सोमवार को बकाया मानदेय व कोरोना वायरस से बचाव के लिए उपकरण न मिलने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए हड़ताल कर दिया। कर्मियों ने जिलाधिकारी को एक दिन पूर्व ही कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी थी। एंबुलेंस कर्मियों के कार्य बहिष्कार से तमाम परेशानी खड़ी हो गई है और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।

जिले में 108 एंबुलेंसों की संख्या 24, 102 की संख्या 22 व एडवांस लाइफ सर्विस की चार एंबुलेंस हैं। इन एंबुलेंसों के संचालन में 195 कर्मी तैनात है। जिनमें एंबुलेंस चालक के अलावा इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन शामिल हैं। इन कर्मियों का कहना है कि कोरोना वायरस को लेकर हुए लॉकडाउन में पूरी ईमानदारी के साथ हर तरह के रोगियों को अस्पताल पहुंचाने का काम कर रहे हैं। इन रोगियों में कभी-कभी कोरोना के संदिग्ध रोगी भी मिल रहे हैं बावजूद उन्हें कोरोना वायरस से बचाव के उपकरण मुहैया नहीं कराया जा रहा है। जबकि हर एंबुलेंस में मास्क, सैनिटाइजर, ग्लब्स, हैंडवास, पीपीटी किट, ब्लीचिग व फिनायल उपलब्ध होना चाहिए। इसके अलावा एंबुलेंस कर्मियों को उनकी पगार भी नहीं दी जा रही है। कई माह का मानदेय भी बाकी है। जिलाधिकारी से कम से कम तीन माह के बकाया मानदेय दिलाने, सात माह के पीएफ का धन खाना में जमा कराने की मांग की गई है। यह भी बताया कि सरकार ने 50 लाख रुपये बीमा देने का ऐलान किया है। इसके अलावा हर कर्मचारी के खाते में एक हजार रुपये प्रोत्साहन राशि भी भेजी जाए। इन सभी मांगों को लेकर एंबुलेंस कर्मियों ने कार्य बहिष्कार किया है। एंबुलेंस कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष अश्वनी पांडेय ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री से उनके संगठन के लोगों ने मुलाकात कर स्थिति से अवगत कराया था लेकिन स्वास्थ्य मंत्री ने यह कहकर वापस कर दिया कि वे प्राइवेट कर्मचारी हैं। इससे एंबुलेंस कर्मियों में आक्रोश फैल गया। यदि एंबुलेंस कर्मचारी प्राइवेट है तो वे स्वेच्छा से घर भी जा सकते हैं।

Posted By: Jagran

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