फार्मर आइडी है तो धान बेचने के लिए पंजीकरण की झंझट नहीं, एक नवंबर से सोनभद्र के 72 केंद्रों पर होगी खरीद
सोनभद्र में धान बेचने की प्रक्रिया किसानों के लिए आसान की जा रही है, अब फार्मर आईडी धारकों को अलग ...और पढ़ें

फार्मर आईडी धारकों को धान बेचने के लिए पंजीकरण की झंझट खत्म, सोनभद्र में 1 नवंबर से खरीद शुरू।
HighLights
फार्मर आईडी धारकों को धान बेचने में पंजीकरण से छूट।
सोनभद्र में 1 नवंबर से 72 केंद्रों पर धान खरीद।
1.90 लाख किसानों को मिलेगी पंजीकरण प्रक्रिया से राहत।
जागरण संवाददाता, सोनभद्र। धान की फसल तैयार होने के साथ ही किसानों को उपज बेचने की प्रक्रिया आसान बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। इस बार जिन किसानों की फार्मर आइडी बन चुकी है, उन्हें धान बेचने के लिए अलग से पंजीकरण कराने की जरूरत नहीं होगी। ऐसे किसान सीधे क्रय केंद्रों पर अपनी उपज लेकर पहुंच सकेंगे।
इससे किसानों को पंजीकरण की प्रक्रिया में लगने वाले समय और भागदौड़ से राहत मिलेगी। जनपद में एक नवंबर से 72 क्रय केंद्रों पर धान खरीद शुरू होनी है। हालांकि, इस बार खरीद के लिए शासन स्तर से अभी लक्ष्य निर्धारित नहीं किया गया है। जनपद में कुल दो लाख 17 हजार पंजीकृत किसान हैं, जिनमें से 1.90 लाख किसानों की फार्मर आइडी बन चुकी है। ऐसे में बड़ी संख्या में किसानों को धान बिक्री के लिए अलग से पंजीकरण कराने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
1.90 लाख किसानों को पंजीकरण से मिलेगी राहत
धान खरीद के लिए फार्मर आइडी बनवाने वाले किसानों को अलग से पंजीकरण कराने की बाध्यता से राहत मिलेगी। जनपद में 1.90 लाख किसानों की फार्मर आइडी तैयार हो चुकी है। ऐसे किसान निर्धारित क्रय केंद्रों पर सीधे अपनी उपज लेकर पहुंच सकेंगे। इससे धान बिक्री की प्रक्रिया में आसानी होने की उम्मीद है। हालांकि, किसानों को उपज बेचने के लिए क्रय केंद्रों पर लागू अन्य आवश्यक नियमों और सत्यापन संबंधी औपचारिकताओं का पालन करना होगा।
एक नवंबर से 72 केंद्रों पर शुरू होगी खरीद
जनपद में धान खरीद के लिए 72 क्रय केंद्र निर्धारित किए गए हैं। इन केंद्रों पर एक नवंबर से खरीद शुरू करने की तैयारी है। खरीद सत्र शुरू होने के साथ ही किसानों को अपनी उपज बेचने का अवसर मिलेगा। ऐसे में केंद्रों पर जरूरी व्यवस्थाओं, किसानों की सुविधा और खरीद प्रक्रिया को सुचारु बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा। किसानों को भी अपनी उपज लेकर पहुंचने से पहले संबंधित केंद्र की व्यवस्था और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी कर लेनी चाहिए।
आंकड़ों में जिले की स्थिति
- 2,17,990 - कुल कृषक
- 1,90,277 - फार्मर रजिस्ट्री पंजीकृत कृषक
- 87.29 - प्रतिशत किसान योजना के तहत
