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सोनभद्र में सिलहटा बंधे का गेट खुलते ही खेतों में घुसा पानी, छह गांवों में सौ बीघा पकी धान की फसल पर संकट

By mukesh srivastava Edited By: Abhishek sharma
Published: Fri, 23 Oct 2026 04:37 PM (IST)

सोनभद्र के घोरावल तहसील में सिलहटा बंधे का गेट अचानक खुलने से छह गांवों में करीब सौ बीघा पकी धान ...और पढ़ें

सोनभद्र में सिलहटा बंधा गेट खुलने से खेतों में पानी भरा सैकड़ों बीघा धान की फसल बर्बाद।

सोनभद्र में सिलहटा बंधा गेट खुलने से खेतों में पानी भरा सैकड़ों बीघा धान की फसल बर्बाद।

HighLights

  1. सिलहटा बंधे का गेट अचानक खुलने से खेतों में पानी।

  2. छह गांवों में सौ बीघा पकी धान की फसल प्रभावित।

  3. किसान मुआवजे और लापरवाही की जांच की मांग कर रहे।

जागरण संवाददाता, शाहगंज (सोनभद्र)। घोरावल तहसील क्षेत्र के सिलहटा बंधे का गेट गुरुवार देर शाम अचानक खोल दिए जाने से आधा दर्जन गांवों के किसानों की मुश्किलें बढ़ गईं। तेज बहाव के कारण सदारी, अठोना, जिन्होरा, कुसहरा और सिलहटा समेत आसपास के गांवों में करीब सौ बीघा खेतों में खड़ी धान की पकी फसल बर्बाद होने के कगार पर पहुंच गई। धान की कटाई शुरू होने के बीच हुई इस घटना से किसानों को भारी नुकसान की आशंका है। किसानों ने बंधे से अचानक पानी छोड़े जाने के पीछे लापरवाही का आरोप लगाते हुए जांच और मुआवजे की मांग की है।

किसानों ने बताया कि देर शाम अचानक बंधे से पानी बहने लगा। जब तक किसान कुछ समझ पाते, पानी का बहाव तेज हो चुका था। खेतों में खड़ी पकी धान की फसल पानी के दबाव से गिरने लगी। कुछ किसानों ने कटाई शुरू कर दी थी। ऐसे में कटी फसल को बचाने के लिए उसे आनन-फानन में पेड़ों पर रखना पड़ा। आरोप लगाया कि जब फसल को पानी की जरूरत होती है, तब बंधे से पानी नहीं छोड़ा जाता। अब जब धान पककर तैयार है और कटाई शुरू हो चुकी है, तब अचानक पानी छोड़ना समझ से परे है।

बोले किसान

अचानक पानी छोड़े जाने से कुछ समझने का मौका ही नहीं मिला। देखते ही देखते खेतों में पानी भर गया, धान की फसल गिरने लगी। - अवनीश यादव

जब धान की फसल को पानी की जरूरत थी, तब बंधे से पानी नहीं छोड़ा गया। अब जबकि फसल पककर कटाई के लिए तैयार है, तब पानी छोड़ना समझ से परे है। - प्रदीप मौर्य

फसल पकने के बाद खेतों में अचानक पानी भरने से नुकसान हुआ है। फसल कच्ची होती तो शायद इतना प्रभाव नहीं पड़ता, कार्रवाई की जरूरत है। - सीताराम

बंधे पर जिम्मेदार कर्मचारियों की नियमित मौजूदगी नहीं रहती। गांव के कुछ लोग अपने फायदे के लिए मनमाने तरीके से पानी छोड़ देते हैं, जांच हो। - शशि प्रकाश

किसानों की मांग पर पानी छोड़ा गया था, हालांकि स्थिति कैसे नियंत्रण से बाहर हुई है इसकी जांच करायी जाएगी। बांध से पानी निकासी को बंद करा दिया गया है।

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आरडी मिश्रा, सहायक अभियंता सिंचाई निर्माण खंड।