जागरण संवाददाता, सोनभद्र : चोपन में सड़क हादसे में दो लोगों की मौत के लिए जिम्मेदार बने बालू लदे ट्रक से कई विभागों की कलई खुल गई है। इस ट्रक पर आगे व पीछे नंबर प्लेट ही नहीं है। इतना ही नहीं ट्रक का न तो फिटनेश कराया गया है और न ही इंश्योरेंस। गनीमत थी कि ट्रक पकड़ लिया गया। कहा जा रहा है कि खनिज, पुलिस, वन व राजस्व विभाग के कुछ अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत से ही जिले में ओवरलोड का संचालन किया जा रहा है।

चोपन में रिलायंस पेट्रोल पंप के पास ट्रक से कुचलकर सोमवार की सुबह चोपन की मीरा सिंह व पटवध निवासी सोनू उपाध्यय की मौत हो गई थी। जिस ट्रक से मौत हुई उस पर क्षमता से अधिक गिट्टी लोड थी । इतना ही नहीं ट्रक के आगे व पीछे नंबर प्लेट भी नहीं था। ट्रक के कागजात की बात करें तौ चौक जाएंगे। पुलिस ने चेचिस नंबर के अनुसार कागजात खंगाला तो उसका फिटनेश एक मार्च 2018 व बीमा 19 दिसंबर 2018 को एक्सपायर हो चुका है। छत्तीसगढ़ से पंजीकृत ट्रक का मालिक अंशुल कुमार हैं। जिस ट्रक का न तो बीमा है और न ही फिटनेश, बावजूद वह सड़कों पर फर्राटा भर रहा है। यह सब मामला ओवरलोड के संचालन व कमाई से जुड़ा हुआ है। खनिज, एआरटीओ, पुलिस व वन विभाग के कुछ अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत से अवैध तरीके से इस तरह के ट्रक सड़कों पर दौड़ रहे और लोगों के लिए काल बन रहे। गनीमत था कि जिस ट्रक से दो लोगों की जान गई, उसका चालक वाहन को लेकर नहीं भाग सका। यदि वह मौके पर भाग जाता तो मृतकों के आश्रितों को कोई मुआवजा ही नहीं मिल पाता और कुछ दिन मामले की जांच कर पुलिस फाइनल रिपोर्ट लगा देती। बिना नंबर वाले ट्रकों को भरमार हो गई है। ट्रकों का चालान न हो, इसलिए उसके नंबर प्लेट को हटाकर संचालन किया जा रहा है। कराई जाएगी जांच, होगी सख्ती

जिलाधिकारी अभिषेक सिंह ने कहा कि इसकी जानकारी उन्हें अभी मिली है। यह गंभीर मामला है। इस मामले की जांच कराई जाएगी और ऐसा करने वाले ट्रक मालिकों के खिलाफ विधिक कार्रवाई होगी। यदि इसमें किसी अधिकारी या कर्मचारी की मिलीभगत मिली तो उसे भी छोड़ा नहीं जाएगा।

Edited By: Jagran