सोनभद्र में एमडीआर शुल्क के विरोध में व्यापारियों ने मनाया नो यूपीआइ डे, ग्राहक हुए परेशान
सोनभद्र में व्यापारियों ने यूपीआई लेनदेन पर 0.40% एमडीआर शुल्क के विरोध में 'नो यूपीआई डे' मनाया। भारतीय उद्योग व्यापार ...और पढ़ें

सोनभद्र के व्यापारियों ने एमडीआर शुल्क के खिलाफ मनाया 'नो यूपीआई डे', ग्राहकों को हुई असुविधा।
HighLights
व्यापारियों ने यूपीआई एमडीआर शुल्क के विरोध में प्रदर्शन किया।
सोनभद्र में 'नो यूपीआई डे' मनाकर ऑनलाइन भुगतान रोका गया।
राजेश गुप्ता ने शुल्क हटाने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही।
जागरण संवाददाता, सोनभद्र। भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष और साक्षी कास्मेटिक के अधिष्ठाता राजेश गुप्ता ने बताया कि उनके प्रतिष्ठान पर प्रतिदिन सैकड़ों ग्राहक आते हैं, जो दो हजार रुपये या उससे अधिक का ट्रांजैक्शन यूपीआइ के माध्यम से करते हैं। गुप्ता ने यूपीआइ लेनदेन पर 0.40 प्रतिशत एमडीआर शुल्क लगाए जाने का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन किया। इस विरोध के तहत व्यापारियों ने "नो यूपीआइ डे" मनाया।
व्यापारियों ने अपने-अपने प्रतिष्ठानों पर "नो यूपीआइ" के पोस्टर लगाए और दिनभर ऑनलाइन भुगतान स्वीकार नहीं किया। उन्होंने यह भी दावा किया कि पूरे दिन ग्राहकों से एक रुपये भी यूपीआइ के माध्यम से भुगतान नहीं लिया गया। राजेश गुप्ता ने कहा कि जब तक इस समस्या का समाधान नहीं होता, तब तक उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल सोनभद्र केंद्रीय नेतृत्व के निर्णय के अनुसार संघर्ष जारी रहेगा।
इस विरोध प्रदर्शन का उद्देश्य व्यापारियों की आवाज को उठाना और यूपीआइ लेनदेन पर लगने वाले शुल्क को समाप्त करना है। व्यापारियों का मानना है कि यह शुल्क उनके व्यवसाय पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहा है और ग्राहकों को भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
गुप्ता ने कहा कि यूपीआइ प्रणाली का उपयोग बढ़ रहा है और ऐसे में इस प्रकार के शुल्क व्यापारियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि व्यापारियों को इस शुल्क के कारण नुकसान हो रहा है और यदि इसे समाप्त नहीं किया गया, तो व्यापारियों को अन्य विकल्पों की तलाश करनी पड़ेगी।
व्यापारियों ने इस दिन को सफल बनाने के लिए एकजुटता दिखाई और सभी ने मिलकर इस आंदोलन में भाग लिया। उन्होंने अपने ग्राहकों से भी अपील की कि वे इस मुद्दे पर उनके साथ खड़े रहें और यूपीआइ के माध्यम से भुगतान करने से बचें।
राजेश गुप्ता ने कहा कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक कि उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं। उन्होंने सभी व्यापारियों से अपील की कि वे इस आंदोलन में भाग लें और अपनी आवाज उठाएं। इस प्रकार, सोनभद्र में व्यापारियों ने "नो यूपीआइ डे" के माध्यम से एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है कि वे अपने अधिकारों के लिए लड़ने के लिए तैयार हैं।
