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सोनभद्र में दो करोड़ 36 लाख की डिजिटल अरेस्ट ठगी का राजफाश, मुख्य आरोपित समेत तीन गिरफ्तार

By mukesh srivastava Edited By: Abhishek sharma
Published: Fri, 25 Sep 2026 05:34 PM (IST)

सोनभद्र में साइबर ठगों ने एक सेवानिवृत्त अधिकारी को हायर ज्यूडिशियरी का भय दिखाकर डिजिटल अरेस्ट कर 2.36 करोड़ रुपये ...और पढ़ें

सोनभद्र में सेवानिवृत्त अधिकारी से 2.36 करोड़ की डिजिटल अरेस्ट ठगी, मुख्य आरोपी सहित तीन गिरफ्तार।

सोनभद्र में सेवानिवृत्त अधिकारी से 2.36 करोड़ की डिजिटल अरेस्ट ठगी, मुख्य आरोपी सहित तीन गिरफ्तार।

HighLights

  1. सोनभद्र में सेवानिवृत्त अधिकारी से 2.36 करोड़ की ठगी।

  2. साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट कर पैसे ऐंठे।

  3. मुख्य आरोपी समेत तीन गिरफ्तार, 75 लाख फ्रीज।

जागरण संवाददाता, सोनभद्र। साइबर ठगों ने सेवानिवृत्त अधिकारी को हायर ज्यूडिशियरी और शासन के अधिकारियों का भय दिखाकर डिजिटल अरेस्ट कर लिया। इसके बाद लगातार दबाव बनाते हुए तीन अलग-अलग बैंक खातों में करीब दो करोड़ 36 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। पीड़ित से और रकम मांगी जा रही थी, तभी बैंक प्रबंधन की सतर्कता से मामला पुलिस तक पहुंचा।

साइबर क्राइम थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरोह के मुख्य आरोपित समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने ठगी की रकम में से 75 लाख रुपये फ्रीज कराए हैं। मुख्य आरोपित की निशानदेही पर ठगी की रकम से खरीदी गई टाटा हैरियर कार, 2.10 लाख रुपये नकद, पांच एंड्रायड मोबाइल फोन और इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता का फर्जी आइडी कार्ड बरामद किया गया है।

पुलिस के अनुसार 22 सितंबर को भारतीय स्टेट बैंक के शाखा प्रबंधक ने साइबर क्राइम थाना को सूचना दी कि एक सेवानिवृत्त कर्मचारी बार-बार किसी व्यक्ति के बताए खातों में रकम भेज रहा है। वह काफी धनराशि पहले ही ट्रांसफर कर चुका था और पूछताछ में स्पष्ट जानकारी नहीं दे रहा था। उसकी स्थिति से बैंक कर्मियों को आशंका हुई कि वह किसी के दबाव में है।

सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक धीरेन्द्र कुमार चौधरी टीम के साथ बैंक पहुंचे, लेकिन तब तक सेवानिवृत्त अधिकारी वहां से जा चुके थे। पुलिस ने उनकी तलाश कर एसपी अभिषेक वर्मा को जानकारी दी। एसपी के निर्देश पर एएसपी आपरेशन ऋषभ रुणवाल और सीओ साइबर हर्ष पाण्डेय के पर्यवेक्षण में कार्रवाई आगे बढ़ाई गई। पूछताछ में सामने आया कि आरोपितों ने हायर ज्यूडिशियरी व शासन के अधिकारियों का भय दिखाकर उन्हें डिजिटल अरेस्ट किया था।

मोबाइल नंबर और खातों की निगरानी से खुला नेटवर्क

मामले की गंभीरता देखते हुए पुलिस ने संबंधित बैंक अधिकारियों से संपर्क कर पीड़ित के मोबाइल नंबर से जुड़े बैंक खातों की जानकारी जुटाई और तत्काल संबंधित खातों पर रोक लगवाई। बैंक में अलर्ट भी लगवाया गया। एक्सटार्शन में इस्तेमाल मोबाइल नंबरों और बैंक खातों की निगरानी के लिए साइबर थाना व साइबर सेल की टीम लगाई गई।

इसके बाद एसपी ने आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में तीन पुलिस टीमें रवाना कीं। इलेक्ट्रानिक और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस मुख्य आरोपित तक पहुंची। मुख्य आरोपित अरुण कुमार दूबे को प्रयागराज स्थित ओमेक्स अपार्टमेंट से गिरफ्तार किया गया। आरोपित की निशानदेही पर पैसे से खरीदी गई टाटा हैरियर कार और 2.10 लाख रुपये नकद बरामद हुए। मामले में सहयोग करने वाली दो महिलाओं को भी गिरफ्तार किया गया।

तीन राज्यों तक जुड़ते दिखे आरोपितों के तार

गिरफ्तार आरोपितों की पहचान अरुण कुमार दूबे पुत्र हर्षू प्रसाद दूबे निवासी विजयपुर कलना, चुनार, मीरजापुर। प्रियंका मिश्रा पत्नी स्व. संतोष कुमार मिश्रा निवासी घोड़गल्ली, श्रीवर्धन, रायगढ़, महाराष्ट्र और तेजल पुत्री स्व. संतोष कुमार मिश्रा, निवासी घोड़गल्ली, श्रीवर्धन, रायगढ़, महाराष्ट्र के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से पांच एंड्रायड मोबाइल फोन और इलाहाबाद हाईकोर्ट अधिवक्ता का फर्जी आइडी कार्ड भी बरामद किया है।