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बिजली की मांग में हजार मेगावाट की कमी

प्रदेश में बिजली की अधिकतम मांग में कमी बनी हुयी है। पिछले दो दिनों के दौरान मांग में एक हजार मेगावाट की और कमी आ गयी है।

By JagranEdited By: Published: Thu, 30 Jan 2020 09:51 PM (IST)Updated: Fri, 31 Jan 2020 06:08 AM (IST)
बिजली की मांग में हजार मेगावाट की कमी
बिजली की मांग में हजार मेगावाट की कमी

जासं, ओबरा (सोनभद्र) : प्रदेश में बिजली की अधिकतम मांग में कमी बनी हुयी है। पिछले दो दिनों के दौरान मांग में एक हजार मेगावाट की और कमी आ गई है। बुधवार पीक आवर के दौरान अधिकतम मांग 15,277 मेगावाट के करीब रही। इससे पहले 28 जनवरी को अधिकतम मांग 15130 मेगावाट तथा 27 जनवरी को मांग 16209 मेगावाट के करीब रही। तापमान को देखते हुए फिलहाल मांग में ज्यादा वृद्धि की सम्भावना कम दिख रही है।

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उधर ओबरा तापीय परियोजना की लीकेज के कारण मंगलवार को बंद हुयी 200 मेगावाट वाली नौवीं इकाई से उत्पादन चालू हो गया है। समाचार लिखे जाने तक नौवीं इकाई से 133 मेगावाट उत्पादन हो रहा था। वहीं 11वीं इकाई से 134 मेगावाट उत्पादन हो रहा था। बिजली की मांग में कमी के कारण ज्यादातर इकाइयों से कम क्षमता पर उत्पादन कराया जा रहा है। उधर अनपरा की 210 मेगावाट वाली तीन इकाइयों से 526 मेगावाट तथा 500 मेगावाट वाली दो इकाइयों से 530 मेगावाट उत्पादन कराया जा रहा था। समाचार लिखे जाने तक उत्पादन निगम की इकाइयों से 2366 मेगावाट तथा निजी तापीय इकाइयों से 3128 मेगावाट उत्पादन हो रहा था।इसके अलावा जल विद्युत इकाइयों से 184 मेगावाट उत्पादन हो रहा था, जिसमें रिहन्द परियोजना की चार इकाइयों से 101 मेगावाट, ओबरा की दो इकाइयों से 59 मेगावाट तथा खारा परियोजना की दो इकाइयों से 24 मेगावाट उत्पादन हो रहा था।


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