जागरण संवाददाता, डाला (सोनभद्र) : 49 वर्षो से लगातार स्थानीय बाजार स्थित रामलीला मैदान में होने वाला रामलीला मंचन व रावण दहन का कार्यक्रम इस बार नहीं हो सकेगा। इसके पीछे कोरोना संक्रमण है। इसके अलावा बाजार में आर्थिक मंदी का होना भी बताया जा रहा है।

वर्ष 1971 से डाला बाजार स्थित रामलीला मैदान में शुरू हुआ रामलीला मंचन व रावण के पुतला दहन का कार्यक्रम पिछले 49 वर्षों से होता चला आ रहा था, लेकिन 2020 से यह ठप है। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज समेत मध्य प्रदेश, बिहार व झारखंड के रामलीला कलाकारों द्वारा किया जानेवाला रामलीला मंचन का लुप्त यहां के लोग उठाते थे। दशमी से 15 दिन पहले रामलीला मंचन कार्यक्रम शुरू हो जाता था, जिसे देखने के लिए 15 से 20 किमी दूर निवास करने वाले लोग यहां पर आते थे। तेलगुड़वा, नवटोलिया, परासपानी, सलईबनवा, गुरमुरा, बारी, पतेरा टोला, कजरहट, रेक्सहवां समेत कई गांव से प्रतिदिन यहां लोग मंचन देखने के लिए आते थे। शासन ने वैसे तो नियम यह बनाया है कि रामलीला मंचन के दौरान दो सौ से अधिक लोग एकत्रित न हो, इसके अलावा वहां पर कोरोना नियमों का पालन किया जाए। इसको लेकर समिति के लोगों ने निर्णय लिया कि इस बार भी मंचन न कराया जाए। रामलीला कमेटी के अध्यक्ष हनुमान सिंह ने कहा कि कोरोना महामारी के कारण शासन के जारी दिशा-निर्देश का शत-प्रतिशत पालन होना संभव नहीं है, इसलिए इस बार भी मंचन न कराने का निर्णय लिया गया है।

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