जागरण संवाददाता, ओबरा (सोनभद्र) : जनपद की अभी तक सबसे बड़ी लागत में बन रही 1320 मेगावाट क्षमता की ओबरा सी के निर्माण में सड़कों को लेकर कोई खास योजना नहीं होने से हो रहे नुकसान को लेकर ओबरा परियोजना प्रशासन ने कदम बढ़ाया है। ओबरा सी आने वाले भारी वाहनों से खराब हुई सड़कों के निर्माण के लिए प्रशासन ने उत्तर प्रदेश उत्पादन निगम को प्रस्ताव भेजा है। पिछले 80 घंटे के दौरान हुए भारी जाम से सतर्क हुए प्रशासन ने परियोजना कॉलोनी के कई सड़कों को जीवनदान देने का निर्णय लिया है।

प्रशासन ने 4.5 करोड़ का प्रस्ताव निगम प्रबंधन को भेजा है। निगम प्रबंधन की अनुमति के बाद जल्द ही सड़क निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सड़कों की जर्जरता की वजह से लगातार ओबरा सी के निर्माण में देरी हो रही थी। ओबरा सी के निर्माण में 10 माह से ज्यादा की देरी हो रही है। इस देरी में सड़कों की जर्जरता बड़ा कारण रहा है। दैनिक जागरण काफी समय से इस समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित करता रहा है। कॉलोनी क्षेत्र की बनेंगी सड़कें

निगम प्रबंधन को भेजे गए प्रस्ताव में ओबरा सी गेट से डिग्री कॉलेज बैरियर तक सड़क बनेगी। इसमें ओबरा महात्मा गांधी मार्ग के ओबरा सी गेट से क्लब एक चौराहे तक का हिस्सा, लाल बहादुर शास्त्री मार्ग के क्लब एक चौराहे से लेकर वीआइपी चौराहे तक का हिस्सा एवं वीआइपी चौराहे से डिग्री कॉलेज बैरियर तक का हिस्सा बनाया जाएगा। इसमें ओबरा सी गेट से वीआइपी चौराहे तक के हिस्से को कंक्रीट से बनाया जाएगा। इसके अलावा डिग्री कालेज से शारदा मंदिर चौराहे तक का हिस्सा जो परियोजना कालोनी क्षेत्र से बाहर है उसके लिए राजकीय विभागों से संपर्क किया जाएगा। परियोजना प्रशासन ने नगर पंचायत ओबरा से भी उक्त हिस्से के सड़क निर्माण के लिए सम्पर्क किया है। इसके अलावा जिला खनिज निधि से भी गैर निगमीय क्षेत्र के सड़क निर्माण के लिए जिला प्रशासन से संपर्क करने की योजना है। पैदल चलना भी मुश्किल

गत एक वर्ष से ओबरा सी के लिए आ रहे वाहन जिन सड़कों का प्रयोग कर रहे हैं उनपर पैदल चलने की भी स्थिति नहीं है। सबसे खराब स्थिति महात्मा गांधी मार्ग एवं शास्त्री मार्ग की है। इन दोनों मार्गों पर आम नागरिकों के आवागमन में 90 फीसद से ज्यादा की कमी हुई है, लेकिन महात्मा गांधी मार्ग पर ही ओबरा इंटर कॉलेज और परियोजना चिकित्सालय मौजूद है। इस कारण स्कूली बच्चों सहित मरीजों को इसी मार्ग का प्रयोग करना पड़ रहा है। स्कूली बच्चों को सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है। यही नहीं इन दोनों मार्गों पर ही परियोजना के सैकड़ों अधिकारियों के भी आवास हैं जिन्हें मजबूरी में इन सड़कों का प्रयोग करना पड़ता है। इसके अलावा स्टेडियम मार्ग और शारदा मंदिर मार्ग से ओबरा पीजी कॉलेज के छात्र जहां आते जाते हैं वहीं सब्जी बाजार भी लोग इन्हीं मार्गों से जाते हैं। गत दो वर्षों से ओबरा सी के लिए भारी वाहनों का आवागमन इन्ही मार्गों से हो रहा है। इस कारण इन मार्गों पर चलना खतरनाक हो गया है। कॉलोनी क्षेत्र की उन सड़कों जिनसे ओबरा सी के वाहन गुजरते हैं उनके नवीनीकरण के लिए 4.5 करोड़ का प्रस्ताव निगम प्रबंधन को भेजा गया है। प्रबंधन की अनुमति के बाद सड़क का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा कालोनी के बाहर की सड़कों के निर्माण के लिए नगर पंचायत से संपर्क किया गया है। साथ ही जिला प्रशासन से भी इस संबंध में वार्ता की जाएगी।

-इ. आरपी सक्सेना, मुख्य महाप्रबंधक, ओबरा तापीय परियोजना।

Posted By: Jagran

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