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सोनभद्र के बघाड़ू गांव की ऐसी बदली डेमोग्राफी क‍ि बढ़ गए 110 तक प्रतिशत मुस्लिम वोटर, हिंदू सिर्फ 29 प्रतिशत

By mukesh srivastava Edited By: Abhishek sharma
Published: Mon, 21 Sep 2026 06:51 PM (IST)

सोनभद्र के बघाड़ू गांव में लैंड जिहाद के तहत आदिवासियों की जमीन हड़पने और जनसांख्यिकी बदलाव का मामला सामने आया ...और पढ़ें

सोनभद्र लैंड जिहाद: बघाड़ू गांव में मुस्लिम मतदाताओं की 110% वृद्धि, प्रशासन सक्रिय।

सोनभद्र लैंड जिहाद: बघाड़ू गांव में मुस्लिम मतदाताओं की 110% वृद्धि, प्रशासन सक्रिय।

HighLights

  1. बघाड़ू गांव में आदिवासियों की जमीन हड़पने का मामला सामने आया।

  2. मुस्लिम मतदाताओं में 110% की वृद्धि, हिंदू 29% ही बढ़े।

  3. प्रशासन ने जमीन वापस ली, हाईकोर्ट ने कार्रवाई को जायज ठहराया।

जागरण संवाददाता, सोनभद्र। चार राज्यों झारखंड, बिहार, मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ की सीमा से सटे होने एवं अधिक जंगल व आदिवासी क्षेत्र होने का लाभ उठाते हुए यहां लैंड जिहाद बढ़ गया है। दुद्धी के बघाड़ू गांव में आदिवासियों की जमीनों पर बहादुर अली द्वारा पत्नी के नाम पर जालसाजी कर हड़पने का प्रकरण संज्ञान में आने के बाद जिला प्रशासन एवं पुलिस ने कार्रवाई सुनिश्चित की है।

पिछले दिनों हाईकोर्ट ने भी प्रशासन की इस कार्रवाई पर मुहर लगा दी है। हालांकि यह काफी नहीं है। डेमोग्राफी बदलने का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बघाड़ू गांव में 2003 से 2026 तक 110 तक प्रतिशत मुस्लिम वोटरों की वृद्धि हो गई है। वहीं यहां हिंदू वोटर महज 29 प्रतिशत ही बढ़े हैं। यही नहीं जिले कई ऐसे गांव या बाजार हैं जहां की डेमोग्राफी बदल चुकी है।

लैंड जिहाद के विरुद्ध सरकार की जीरो टालरेंस नीति के तहत प्रशासन भी अब सक्रिय हो गया है। अभी पिछले दिनों ही इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने अनुसूचित जनजाति की महिला के मुस्लिम बहादुर अली से निकाह एवं धर्मांतरण के बाद जनजातीय समाज से खरीदी गई भूमि के विरुद्ध जिला प्रशासन की कार्रवाई को जायज करार देते हुए किसी भी प्रकार के हस्तक्षेप से इनकार किया।

इस मामले में जिला प्रशासन ने महिला रजिया उर्फ नन्हकी द्वारा धर्मांतरण के बाद जालसाजी कर खुद को अनुसूचित जनजाति का दर्शाते हुए कराए गए सभी बैनामों को शून्य घोषित कर भूमि को ग्राम सभा में निहित किया था। वहीं दूसरी ओर उच्च न्यायालय के आदेश के साथ ही मास्टरमाइंड बहादुर अली द्वारा जनसांख्यिकी (डेमोग्राफी) परिवर्तन के लिए जनजातीय समाज की हड़पी गई भूमि पर अब जन उपयोगी निर्माण की तैयारी भी जिला प्रशासन ने शुरू कर दी है।

जल्द ही भूमि पर खेल का मैदान व विवाह मंडप का निर्माण किए जाने के साथ ही समाज सुधारक बिरसा मुंडा की प्रतिमा स्थापित किए जाने की भी तैयारी चल रही है। यही नहीं प्रशासन ने तो रजिया उफ दुलरिया का अनुसूचित जनजाति का प्रणाम पत्र भी निरस्त कर दिया है। यह भी एक तरह की बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।

बघाड़ू का मामला सबसे पहले भाजपा जिलाध्यक्ष नंदलाल ने उठाया था। दुद्धी तहसील स्तर या प्रशासन स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने पर जिलाध्यक्ष ने यह प्रकरण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष रखा। इसके बाद पिछले साल नवंबर में ही पुलिस ने इस मामले में एफआइआर दर्ज की। इसके बाद नवागत जिलाधिकारी चर्चित गौड़ के आने के बाद इस मामले में कार्रवाई और तेज हो गई। अब यहां एक और नई बात सामने आई है।

जिलाध्यक्ष नंदलाल ने बताया कि 2003 से 2026 के बीच दुद्धी तहसील के बघाड़ू गांव में कुल 40 प्रतिशत मतदाताओं की वृद्धि हुई। इसमें हिंदू वोटरों की वृद्धि मात्र 29 प्रतिशत ही हुई तो वहीं मुस्लिल मतदाताओं की वृद्धि लगभग 110 प्रतिशत हो चुकी है। वहीं राबर्ट्सगंज तहसील के पनौरा गांव की भी कुछ ऐसी कहानी है। यहां इस अवधि में 20 प्रतिशत मतदाताओं की वृद्धि हुई। इसमें हिंदू वोटर मात्र 8.04 प्रतिशत ही बढ़े, जबकि मुस्लिम मतदाता लगभग चार गुना अधिक 32.6 प्रतिशत बढ़े हैं।