जागरण संवाददाता, ओबरा (सोनभद्र) : 14 अक्तूबर 2018 को अग्निकांड में कई इकाईयां तबाह हो गई थीं। इससे उत्पादन निगम को भारी नुकसान झेलना पड़ा। इसके अलावा पिछले 15 महीने में करोड़ों रुपये की उत्पादन क्षति हुई है। अब अग्निकांड में सबसे ज्यादा बर्बाद हुई 200 मेगावाट वाली 12वीं इकाई को लगभग 15 महीने बाद सिक्रोनाइज कर दिया गया है। इस इकाई के सिक्रोनाइज के लिए आगामी 15 फरवरी का समय तय किया गया था लेकिन परियोजना प्रशासन एवं भेल ने तय समय से 23 दिन पहले ही इकाई को सिक्रोनाइज कर दिया। समाचार लिखे जाने तक 12वीं से 51 मेगावाट उत्पादन हो रहा था। संभावना है कि अगले 24 घंटे में इकाई को 100 मेगावाट से ज्यादा लोड पर लाया जाए। फिलहाल 22 जनवरी को सुबह 9.34 बजे सिक्रोनाइज के बाद इकाई के सभी तकनीकि हिस्सों की गहनता से जांच भी चल रही है।

अग्निकांड में 12वीं इकाई का कंट्रोल रूम,स्विच गेयर रूम एवं केबल गैलरी पूरी तरह ़खाक हो गया था। दरअसल बीते 23 सितम्बर 2018 को ही 525 करोड़ रुपये खर्च कर 12वीं इकाई को सिक्रोनाइज किया गया था। लेकिन 14 अक्टूबर 2018 को हुए अग्निकांड में इस इकाई को भारी नुकसान हुआ। तब से यह इकाई बंद चल रही थी। केबिल गैलरी में आग लगने के उपरांत क्षतिग्रस्त 12वीं एवं 13वीं इकाई के रिवाइवल के लिए उत्पादन निगम को 185 रुपये व्यय करना पड़ रहा है। गत एक पखवाड़े से 12वीं इकाई का टेस्ट लाइटअप चल रहा था। टेस्ट लाइटअप के तहत आइडी फैन से लेकर फर्नेश तक कि सारी परफार्मेंस चेक की गई। साथ ही ड्रम प्रेशर, एसिड क्लीनिग एवं बायलर की ट्यूब सा़फ करने के साथ फाइनल लाइटअप स्टीम बनाकर टर्बाइन के सभी लाइनों को स्टीम ब्लोइंग किया गया । ग्रिड पर बढ़ेगा ओबरा का योगदान

केबल गैलरी में लगी आग के कारण बन्द हुई 12 वीं इकाई के चालू होने से ओबरा तापीय परियोजना का उत्तरी ग्रिड पर योगदान बढ़ेगा। 14 अक्टूबर 2018 को केबल गैलरी में लगी आग के कारण ओबरा की चार इकाईयां बंद हो गयी थी जिसके कारण ओबरा परियोजना का ग्रिड पर योगदान शून्य हो गया था। चार इकाइयों को आग से पहुंचे नुकसान के कारण उन्हें चालू करना बड़ी समस्या थी। जहां कम क्षति वाली नौवीं और दसवीं इकाई को चालू करने के लिए दो-दो माह का समय दिया गया था वहीं 11 वीं इकाई को चार महीने में चालू करना था। बहरहाल नौवीं इकाई घटना के 23वें दिन 16 नवंबर 2018 को तथा 10वीं इकाई को 31वें दिन 24 नवम्बर 2018 चालू करने में परियोजना प्रशासन कामयाब रहा। उसके बाद 11वीं इकाई को आठ दिसम्बर 2018 को चालू कर दिया गया। अब तय समय से 23 दिन पहले 12वीं इकाई को सिक्रोनाइज करने में परियोजना प्रशासन ने सफलता प्राप्त की है । -अग्निकांड में बंद हुई ब तापघर की 12वीं इकाई को सिक्रोनाइज किया गया है। अभी इकाई की उत्पादन क्षमता को बढ़ाया जा रहा है। फिलहाल इकाई को गहन निरीक्षण में रखा जा रहा है। अगले कुछ दिन में इकाई को अधिकतम क्षमता पर चलाया जाएगा।

- इ.आरपी सक्सेना,सीजीएम ओबरा तापघर

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