सोनभद्र में स्वशासी मेडिकल कालेज में धरने पर बैठे छात्र-छात्राएं, लगाए आजादी के नारे
प्रधानाचार्य पर मनमानी का आरोप लगाते हुए सोनभद्र के स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के छात्रों ने विभिन्न मांगों को लेकर ...और पढ़ें

सोनभद्र मेडिकल कॉलेज में छात्रों का धरना हॉस्टल नियमों और सुविधाओं पर हंगामा।
HighLights
छात्रों ने हॉस्टल नियमों, मेस शुल्क पर विरोध जताया।
फैकल्टी की कमी, लैब सुविधाओं का अभाव मुख्य मुद्दे।
प्रधानाचार्य ने छात्रों पर नियम तोड़ने का आरोप लगाया।
जागरण संवाददाता, सोनभद्र। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के छात्रों ने शुक्रवार की शाम विभिन्न मांगों को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। कालेज परिसर में धरने पर बैठे छात्र-छात्राओं ने नारेबाजी की और प्रधानाचार्य पर मनमानी करने का आरोप लगाया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई और छात्राें को समझाने का प्रयास कर रही लेकिन छात्र प्रधानाचार्य से सबके सामने वार्ता की जिद पर अड़े हैं।
छात्र-छात्राओं के धरने पर बैठने और नारेबाजी का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रचलित हो रहा है। इसमें वे आजादी, आजादी का नारा लगाते दिख रहे हैं। वर्ष 2024 व 2025 बैच के धरना दे रहे बच्चों का कहना है कि कालेज में सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक क्लास चलती है। उसके बाद सिर्फ पांच से सात बजे तक बाहर जाने की अनुमति दी जा रही है।
यहां तक कि रात में कालेज परिसर में घूमने की अनुमति नहीं है। बाइक लाने पर भी रोक लगाई जा रही है, जबकि अभिभावकों ने शपथ पत्र दिया है कि काेई घटना होती है तो कालेज नहीं वह स्वयं जिम्मेदार होंगे। कालेज के मेस में चार हजार रुपये प्रतिमाह जमा करना अनिवार्य किया गया है। जबकि छात्र-छात्राओं की अक्सर छुट्टी रहती है या वे किसी वजह से बाहर खाते हैं। फिर भी उन्हें यह पैसा देना है। प्रतिदिन 130 रुपये मेस में दिया जाता है।
छात्रों ने बताया कि कालेज में द्वितीय वर्ष के बच्चों को तीन विषय का लैब ही नहीं है। अटेंडेंस कम होने के नाम पर करीब 30 से 35 बच्चों को परीक्षा नहीं देने दिया गया। कालेज में फैकल्टी ही पूरी नहीं है और जूनियर रेजिडेंस से क्लास चलवाई जा रही है। परिसर में सिर्फ दो आउटडोर बैडमिंटन कोर्ट है। छात्रों की संख्या ज्यादा है। समय हीं नहीं दिया जा रहा कि बच्चे बैडमिंटन खेल सकें। जिम भी नहीं है। छात्रों ने महाविद्यालय की कई अन्य समस्या गिनाई।
चेताया कि जब तक प्रधानाचार्य वार्ता नहीं करते धरना चलता रहेगा। उधर प्रधानाचार्य डा. आइजेन भट्टाचार्य का कहना है कि महाविद्यालय में छात्र-छात्राएं नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। उन्हें वार्ता के लिए बुलाया गया है लेकिन वे तैयार नहीं है। प्रधानाचार्य का कहना है कि छात्र हास्टल के नियमों को नहीं मान रहे हैं। कालेज में यह तय किया गया है कि क्लास के समय बच्चे बाहर न जाएं लेकिन वे इसका विरोध कर रहे हैं। शाम सात बजे तक हास्टल में आने का नियम बनाया गया है, लेकिन उसके बाद छात्र प्रावइेट वाहन बाइक आदि लेकर आ रहे हैं।
जबकि निजी वाहन से आने और जाने की यहां अनुमति नहीं है। यदि रात में बाइक से उनका एक्सीडेंट हो जाए तो फिर उसका जिम्मेदार कौन होगा। महाविद्यालय में उनके लिए दो बसे संचालित हैं। उन बसों से उन्हें शनिवार और रविवार को सिटी में भेजा जाएगा। कालेज में पढ़ाई को बेहतर बनाने के लिए नियमों का पालन छात्र-छात्राओं को करना होगा।
