सोनभद्र के बघाड़ू में 23 वर्षों में 110 और पनौरा में 32 प्रतिशत बढ़े मुस्लिम मतदाता, होगी जांच
सोनभद्र के बघाड़ू और पनौरा गांवों में पिछले 23 वर्षों में मुस्लिम मतदाताओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। ...और पढ़ें

मतदाता सूची से सामने आया गांवों में बदलता समीकरण, की जाएगी जांच। -इटरनेट मीडिया
HighLights
बघाड़ू में मुस्लिम मतदाताओं की संख्या 110% बढ़ी।
पनौरा गांव में मुस्लिम मतदाता 32.6% अधिक हुए।
जनजातीय महिलाओं से शादी कर जमीन खरीदने के आरोप।
जागरण संवाददाता, सोनभद्र। 23 साल पुरानी और इस वर्ष की मतदाता सूची की तुलना करने पर जिले के दो गांवों में मतदाताओं की संख्या और संरचना में बड़ा बदलाव सामने आया है। दुद्धी तहसील के बघाड़ू गांव में 2003 के मुकाबले मुस्लिम मतदाताओं की संख्या 430 से बढ़कर 902 हो गई है, जो कि 110% की वृद्धि है।
इसी अवधि में हिंदू मतदाता 2864 से बढ़कर 3621 हुए, यानी करीब 29 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई। गांव में कुल वोटरों की संख्या 3292 से 4523 हो गई। सदर तहसील के पनौरा गांव में 2003 में 359 मुस्लिम और 380 हिंदू मतदाता थे, जो 2026 में बढ़कर क्रमशः 496 और 403 हो गए। मुस्लिम मतदाताओं में 32.6 प्रतिशत, जबकि हिंदू मतदाताओं में केवल 8.04 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
गांव में कुल मतदाता 739 से बढ़कर 899 हो गए। निर्वाचन कार्यालय की वेबसाइट पर एसआइआर-2026 की अंतिम मतदाता सूची उपलब्ध है। दोनों गांव में जनजातीय समाज की महिलाओं से शादी कर उनकी आदिवासी पहचान के जरिये सस्ते दाम पर आदिवासियों की जमीन खरीदकर बाहर के मुस्लिम परिवारों को बसाने का मामला सामने आया था।
बघाड़ू में अनुसूचित जनजाति की भूमि के हस्तांतरण का मामला पहले से प्रशासनिक कार्यवाही के दायरे में है। प्रशासन के अनुसार, 1986 में बहादुर अली से शादी कर रजिया बनी दुलरिया ने 40 साल बाद भी खुद को जनजाति समाज का होने का दावा करती रही और 2012 में अनुसूचित जाति (एसटी) का प्रमाण पत्र बनवा लिया था।
बघाड़ू और पनौरा के अलावा अन्य गांवों में भी पिछले वर्षों में हुए भूमि हस्तांतरण और आबादी में बदलावों के संबंध में जांच की मांग की गई है।
-नंदलाल गुप्ता, जिलाध्यक्ष, भाजपा
