सोनभद्र में गीतांजलि और रश्मि के अदम्य साहस से चकनाचूर हो गया चोरों का मंसूबा
सोनभद्र में गीतांजलि और रश्मि नामक दो महिलाओं ने अद्भुत साहस का प्रदर्शन करते हुए चोरों के इरादों को विफल कर दिया। उन्होंने चोरों को भागने के लिए मजबूर कर दिया, जिससे क्षेत्र में चोरी की घटना टल गई। उनकी बहादुरी की पूरे इलाके में सराहना हो रही है।

आरोप है कि श्रमिक अक्सर ही इस की रेकी कर रहे थे और घूरते भी रहते थे।
मुकेश चंद्र श्रीवास्तव, सोनभद्र। रात के करीब दो बज रहा था। ठंड के मौसम के बीच चारो ओर सन्नाटा था, फिर भी घर में कुछ आवाज आ रही थी। कुछ देर बाद घर में किसी के चलने की आहट महसूस हुई। तब तक गीतांजलि की नींद खुल गई थी।
इसके बाद वह अपने बेड रूम का दरवाजा खोलकर पानी पीने के लिए किचन की ओर बढ़ने लगी, तभी ने अचानक ही हमला करते हुए गला दबा दिया और बेड रूम की ओर खींचते हुए पटक दिया। यह आवाज सुनते ही बेटी रश्मि भी जग गई।
जब वह अपनी मां को बचाने के लिए दौड़ी तो चोर ने उसपर भी हमला कर दिया। इसके बाद मां-बेटी दोनों अपने को संभालते हुए चोर पर काली की तरह टूट पड़ी। दोनों तरफ से लगभग एक घंटे तक संषर्घ हुआ। इस बीच भूतल पर मौजूद चोर के अन्य साथी वहां से भाग निकले।
यह घटना राबर्ट्सगंज कोतवाली के हिंदुआरी-मीरजापुर रोड स्थित ग्राम पंचायत कठपुरवा की प्रमुख बस्ती से लगभग तीन मीटर एकांत घर में हुई। गीतांजलि अपनी बेटी रश्मि व बेटे आदर्श के साथ रही थी। बेटा महज सात साल का ही थी। उनके घर के पीछे ही कुछ श्रमिक सोलर प्लांट का काम कर रहे थे।
आरोप है कि श्रमिक अक्सर ही इस की रेकी कर रहे थे और घूरते भी रहते थे। वह तो अच्छा था कि गीतांजलि बेडरूम बंद कर सो रही थी। अन्यथा कोई बड़ी अनहोनी भी हो सकती थी। रश्मि अभी कक्षा 10वीं की छात्रा है और उसका भाई आदर्श कक्षा एक में पढ़ाई करता है। जब चोर के साथ संषर्घ हो रही थी तो रश्मि ने अपने भाई से पापा को फोन करने को कहा।
इसके बाद यह सूचना घर से बाहर जा पाई। तत्काल रिश्तेदारों व पुलिस को भी इसकी सूचना मिली। इसके बाद लगभग 15 मिनट में ही पुलिस व लखनवारकलां गांव निवासी रश्मि के मामा यशवंत भी पहुंच गए। इस बीच जब चोर भागना चाहता तो कूलर के किनारे भाग व दीवार से टकराकर जख्मी हो गया।
कोतवाल माधव सिंह ने बताया कि जिला पाकुड़ (झारखंड) के सीतेशनगर निवासी दिलबर शेख के खिलाफ चोरी, मारपीट व अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं उसका उपचार बीएचयू के ट्रामा सेंटर में चल रहा है। वहीं गीतांजलि व रश्मि के अदम्य साहस की पूरे क्षेत्र में चर्चा हो रही है। इनके साहस के आगे चोरों का मंसूबा चकनाचूर हो गया।

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