जागरण संवाददाता, सोनभद्र : जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में 24 घंटे के दौरान हुए सड़क हादसे में एक बालक समेत तीन लोगों की मौत हो गई। घटनाएं चोपन, रायपुर व दुद्धी थाना क्षेत्रों में हुई। बारिश का मौसम शुरू होते ही सर्प दंश की घटनाओं में तेजी से इजाफा हुआ है। कुछ लोग तो झाड़-फूक कराने के चक्कर में अपनी जान गंवा रहे हैं।

चोपन थाना क्षेत्र के मीतापुर गांव में बुधवार को सोते समय एक बालक की सर्पदंश से मौत हो गई। मीतापुर निवासी टुन्नू केवट ने बताया कि वह अपने 13 वर्षीय पुत्र राजू केवट के साथ बरामदे में सोया था। इसी बीच बुधवार की रात लगभग एक बजे सर्प ने डंस लिया। स्वजन उसे इलाज के लिए अस्पताल जा रहे थे, इसी बीच उसकी रास्ते में मौत हो गई। रायपुर थाना क्षेत्र के रईया गांव निवासी वंश नारायण (70) को गुरुवार को सर्प दंश से मौत हो गई। उप निरीक्षक शशि भूषण यादव ने बताया कि वंश नारायण को मंगलवार को सर्प ने डंस लिया था। स्वजनों की तरफ से झाड़-फूक कराया जा रहा था। गुरुवार को मौत होने के बाद स्वजनों की तरफ से इसकी जानकारी पुलिस को दी गई। पुलिस ने वृद्ध के शव का पोस्टमार्टम कराया। दुद्धी कोतवाली क्षेत्र के बघाडू गांव निवासी फुलकुमारी (27) पत्नी अमरलाल को घरेलू कार्य के दौरान सर्प ने डंस लिया। स्वजन उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, लेकिन इमरजेंसी में मौजूद स्वास्थ्य कर्मियों ने एंटी स्नैक वेनम नहीं होने का हवाला देते हुए उसे जिला अस्पताल लिए रेफर कर दिया, लेकिन उसकी रास्ते में मौत हो गई। इसी तरह टेढ़ा गांव की रीता देवी भी सर्प दंश की शिकार होकर अस्पताल पहुंची, उसे भी रेफर किया गया, लेकिन स्वजनों की तरफ से जिला अस्पताल ले जाने के बजाय उसे घर ले जाकर झाड़ फूंक कराने में जुटे हुए हैं। उसकी भी हालत गंभीर बताई जा रही है।

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