विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

सोनभद्र का जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान बनेगा सेंटर आफ एक्सीलेंस, बढ़ेंगे शैक्षिक शोध, गुणवत्तायुक्त प्रशिक्षण

By mukesh srivastava Edited By: Abhishek sharma
Published: Sat, 26 Sep 2026 05:29 PM (IST)

डायट सोनभद्र की प्राचार्य रिद्धि पांडेय ने संस्थान को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने का लक्ष्य रखा है। उनका उद्देश्य शिक्षा ...और पढ़ें

सोनभद्र डायट बनेगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, शिक्षा व्यवस्था में होगा सुधार।

सोनभद्र डायट बनेगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, शिक्षा व्यवस्था में होगा सुधार।

HighLights

  1. संस्थान को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने का लक्ष्य, शैक्षिक शोध बढ़ेंगे।

  2. ग्रामीण बच्चों तक शिक्षा पहुंच, सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा।

  3. डीएलएड प्रशिक्षण गुणवत्तापूर्ण बनाना, प्रशिक्षुओं को करियर मार्गदर्शन।

मुकेश चंद्र श्रीवास्तव, सोनभद्र। डायट प्राचार्य का पदभार संभालने के बाद कहा है कि उनका मुख्य उद्देश्य जनपद की शिक्षा व्यवस्था को सुधारकर और बेहतर बनाना है। ताकि शिक्षा की पहुंच दूर दराज के ग्रामीण बच्चों तक पहुंचे एवं उनको सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। डीएलएड के प्रशिक्षण को गुणवत्तापूर्ण बनाना एवं प्रशिक्षुओं को शैक्षिक नवाचार की प्रति प्रेरित किया जाएगा।

डीएलएड प्रशिक्षुओं के लिए करियर काउंसलिंग कार्यशाला का आयोजन कर उनको करियर चयन के लिए तैयार किया जाएगा। जनपद के बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षकों के लिए संचालित होने वाले प्रशिक्षण को प्रभावी बनाना तथा शिक्षकों द्वारा प्राप्त प्रशिक्षण का क्रियान्वयन स्कूलों में हो इस बात को सुनिश्चित कराने पर जोर है। शैक्षिक शोध, गुणवत्तायुक्त प्रशिक्षण व नवाचारों से इस संस्थान को सेंटर आफ एक्सीलेंस बनाया जाएगा। यह कहना है जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) प्राचार्य एवं उप शिक्षा निदेशक रिद्धि पांडेय से।

प्राचार्य रिद्धि पांडेय ने बताया कि वह इस संस्थान को सेंटर आफ एक्सीलेंस बनाने के लक्ष्य साथ आगे बढ़ रही हैं। संस्थान की गतिविधियों एवं आगामी योजनाओं के संबंध में दैनिक जागरण से बात की। कहा कि डायट स्तर पर शोध एवं नवाचार प्रकोष्ठ के माध्यम से प्रतिवर्ष तीन प्रवक्ताओं की ओर से शैक्षिक शोध एससीइआरटी उत्तर प्रदेश लखनऊ के निर्देश के क्रम में कराया जा रहा है।

जनपद में शिक्षकों की ओर से शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचार एवं वेस्ट प्रैक्टिसेज को चयनित कर उसे उद्गम पोर्टल पर अपलोड कराया जाएगा। ताकि सोनांचल के नवाचारी शिक्षकों को प्रदेश स्तर पर प्रसिद्धी मिले। इससे हम सेंटर आफ एक्सीलेंस की ओर आगे बढ़ेंगे। इसके पूर्व रिद्धि पांडेय कानपुर देहात एवं महाराजगंज जनपद में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के रूप में कार्य कर चुकी हैं। उन्हें उत्तर प्रदेश परियोजना कार्यालय लखनऊ में भी महत्वपूर्ण पद पर कार्य करने का अनुभव है। इन्हीं अनुभवों के आधार पर यहां भी कुछ बेहतरी करने का प्रयास कर रही हैं।

डाइट प्रवक्ताओं की ओर से परिषदीय विद्यालयों के सहयोगात्मक पर्यवेक्षक के रूप में विद्यालयों के छात्र-छात्राओं तथा शिक्षकों को अकादमिक सहयोग प्रदान करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। प्रवक्ताओं की ओर से विद्यालयों के अनुश्रवण के माध्यम से विद्यालयों की अकादमिक समस्याओं पर प्रति माह जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, सभी खंड शिक्षा अधिकारी, डायट मेंटर/डायट प्रवक्ता, एसआरजी एवं एआरपी के साथ समीक्षा बैठक कर आवश्यक सुधार किया जाएगा।

-

रिद्धि पांडेय, प्राचार्य एवं उप शिक्षा निदेशक जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), सोनभद्र