जागरण संवाददाता, सोनभद्र : जनपद में कुल छत्तीस पेयजल परियोजनाओं में अधिकतर ग्राम पंचायतों द्वारा संचालित हैं। इसमें कुछ ऐसी परियोजनाएं हैं जिससे लगभग पांच हजार की आबादी को पानी मुहैया कराया जा रहा है, लेकिन इसी में ज्यादातर ऐसी भी हैं जो तत्कालिक समस्याओं से घिरी हुई हैं। इसके लिए ग्रामीणों ने जलनिगम को ही जिम्मेदार माना है। समस्याएं वहां भी उभरकर सामने आयी हैं जो परियोजनाएं जल निगम द्वारा ग्राम पंचायत को हस्तांतरित तो कर दी गईं लेकिन सुचारू रूप से ग्राम स्तर से संचालित नहीं की गई। बड़ी आबादी वाली एकल परियोजनाएं

जनपद के विभिन्न हिस्सों में मौजूद ग्राम पंचायत द्वारा संचालित पेयजल परियोजनाएं कुछ ऐसी हैं जिससे तीन हजार से अधिक आबादी के लिए पानी आपूíत की जाती है। इसमें मुख्य रूप से एकल ग्राम की पेयजल परियोजनाएं धर्मदासपुर, सेमरिया, जरहां, सिल्थम, ऊंचीडीह व सरई शामिल हैं। इसके अलावा ज्यादातर ऐसी हैं जो दो हजार से ऊपर की आबादी को पानी आपूíत करती हैं। मौजूदा दौर में आ रहीं समस्याएं

कुल 36 पेयजल परियोजनाओं में आधे से अधिक ग्राम पंचायत द्वारा एकल ग्राम पेयजल परियोजनों एक ही तरह की समस्याएं उभरकर सामने आयी हैं। इसमें स्थानीय दिक्कतें ज्यादा हैं। मसलन, गांव के कनेक्शधारकों से पैसा समय से नहीं मिलना, आपरेटरों का वेतन रुकना, मोटर का जलना, शीघ्र मरम्मत नहीं होना, दबंग लोगों द्वारा पेयजल का पानी ¨सचाई के लिए उपयोग करना। इसके अतिरिक्त अन्य समस्याएं हैं जो बड़ी आबादी को पानी आपूíत कराने में बाधक बन रही है। कई जगह ऊंचाई बनी समस्या

जल निगम द्वारा कई जगहों पर पाइप लाइन ही नहीं बिछायी गई है। जरहा गांव ऐसे मामले में सबसे आगे है। यहां जिस टोले में पाइप बिछायी गयी है वहां से कुछ दूर आगे ऊंचाई के कारण पानी की आपूíत आगे तक जा ही नहीं पाती। अगर नीमडाड़ व गजरीडाड़ जैसी जगहों पर पाइप लाइन बिछायी जाती तो वहां पानी की आपूíत ढंग से हो पाती। हालात तो यह है कि लाखों रुपये लागत से निíमत पेयजल टंकी से पानी की आपूíत अधिकारियों की लापरवाही के चलते नहीं हो पा रही है। ग्राम पंचायत द्वारा संचालित परियोजनाएं

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योजना का नाम स्थापना आबादी

धर्मदासपुर 2015 3360

सेमरिया 2015 3715

बलियारी 2015 1610

तेंदुआ 2015 1401

बीजपुर 2007 2740

कचनरवा 2007 2270

चपकी 2007 2720

जरहां 2007 3694

धरसड़ा 2016 733

सिल्थम 2016 4840

ऊंचीडीह 2016 3990

अहेई 2016 1350

सरई 2016 4840 बोले ग्रामीण

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- गांव में दिक्कत तो कम है लेकिन, कभी कभार समस्याएं विकराल हो जाती हैं। इस पर पाबंदी लगाने की जरूरत है। यह तभी होगा जब विभागीय सक्रियता बनी रहे। - गुड्डी, बढ़ौली।

- पेयजल की समस्याओं को दूर करने के लिए अति शीघ्र निराकरण जरूरी है। गर्मी के मौसम में पानी नहीं मिलने से काफी समस्याएं खड़ी हो जाती हैं। - अतवारी, बढ़ौली।

- एकल ग्राम के लिए बनीं परियोजनाएं उस समय दांव दे देती हैं जब मोटर जल जाए। क्योंकि इसकी तत्परता से मरम्मत नहीं होने से पानी आपूíत हप्तों रुक जाती हैं। - शार्दूल दुबे।

- हस्तांतरण की नीति में सुधार की जरूरत है। इसके लिए नियम ऐसे हों जिसमें जिम्मेदारी ग्राम स्तर पर समझी जाए। हीला-हवाली से पानी आपूíत में बाधा उत्पन्न होती है। - अनूप कुमार

Posted By: Jagran