सोनभद्र में माता-पिता, दादा-दादी के उम्र के लोगों ने दी परीक्षा, 22,959 हुए पास
सोनभद्र में उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत 15 वर्ष से अधिक आयु के 8,207 निरक्षर शिक्षार्थियों ने 816 केंद्रों ...और पढ़ें

सोनभद्र में उल्लास साक्षरता परीक्षा: हजारों वयस्कों ने ज्ञान की राह पर बढ़ाया कदम।
HighLights
सोनभद्र में 8,207 निरक्षर वयस्कों ने साक्षरता परीक्षा में भाग लिया।
उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत 816 केंद्रों पर परीक्षा हुई।
पूर्व परीक्षाओं में 91.99% प्रतिभागियों ने साक्षरता दक्षता हासिल की।
जागरण संवाददाता, सोनभद्र। उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत रविवार को जनपद में 15 वर्ष एवं उससे अधिक आयुवर्ग के चिन्हित निरक्षर शिक्षार्थियों की मूलभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक परीक्षा सकुशल एवं शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुई। परीक्षा सुबह 10 बजे से जनपद के 816 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई, जिसमें सभी 10 विकास खंडों से कुल 8,207 चिन्हित शिक्षार्थियों ने प्रतिभाग किया।
विकास खंडवार सहभागिता में म्योरपुर से सर्वाधिक 2,106 लर्नर परीक्षा में सम्मिलित हुए। इसके अतिरिक्त राबर्ट्सगंज से 1,541, कोन से 1,391, करमा से 741, चोपन से 484, चतरा से 464, नगवां से 437, घोरावल से 441, बभनी से 325 तथा दुद्धी से 277 शिक्षार्थियों ने परीक्षा दी। परीक्षा के सफल संचालन के लिए सभी परीक्षा केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई थीं तथा संबंधित परिषदीय विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों की देखरेख में परीक्षा सम्पन्न कराई गई।
परीक्षा के दौरान सहायक निदेशक प्रतिमा मिश्रा ने विभिन्न केंद्रों का निरीक्षण किया। उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद में पूर्व में आयोजित साक्षरता परीक्षाओं में 24,958 प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया है। इनमें 22,959 प्रतिभागी साक्षरता की निर्धारित दक्षता प्राप्त कर उत्तीर्ण हुए हैं, जबकि 1,959 प्रतिभागियों को सुधार की आवश्यकता पाई गई। इस प्रकार पूर्व परीक्षाओं में 91.99 प्रतिशत प्रतिभागियों ने निर्धारित साक्षरता दक्षता हासिल की है। मार्च 2026 में आयोजित परीक्षा में 12,210 प्रतिभागियों में से 12,056 उत्तीर्ण हुए थे, जबकि 154 प्रतिभागियों को सुधार की आवश्यकता रही थी।
अधिक आयुवर्ग के निरक्षर व्यक्तियों को पढ़ने, लिखने तथा दैनिक जीवन में आवश्यक संख्यात्मक दक्षताओं से सक्षम बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। परीक्षा के पश्चात उत्तरपुस्तिकाओं का निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार मूल्यांकन कराया जाएगा तथा प्राप्तांकों को उल्लास पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने परीक्षा के सफल आयोजन के लिए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों, प्रधानाध्यापकों, शिक्षकों, परीक्षा से जुड़े कार्मिकों एवं सहयोगी कर्मियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि साक्षरता व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाने और उसे समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
