जागरण संवाददाता, ओबरा (सोनभद्र) : केंद्र की महत्वाकांक्षी योजना सौभाग्य में पावर कार्पोरेशन की कार्यप्रणाली प्रदेश सरकार की प्रतिष्ठा पर लगातार बट्टा लगा रही है। विद्युत वितरण उपखंड ओबरा अंतर्गत पिछले दो वर्षों के दौरान बरती गई भारी विसंगतियों के कारण दुर्गम क्षेत्र के उपभोक्ता परेशान हो रहे हैं। सौभाग्य योजना के तहत बिना बिजली कनेक्शन के बिल भेजने के साथ ज्यादातर उपभोक्ताओं के पहले ही बिल में भारी गड़बड़ी को लेकर उपभोक्ताओं ने बुधवार को ओबरा विद्युत वितरण उपखंड कार्यालय पर प्रदर्शन किया। विसंगतियों का अंदाजा इ. बात से लगाया जा सकता है कि कुछ माह पहले ही उपभोक्ता के यहां पहुंची बिजली के बिल में 80 फीसद तक सरचार्ज जुड़ा हुआ है। मध्यप्रदेश के पास स्थित जुगैल ग्राम पंचायत के बेलगढ़ी के ग्रामीणों ने विभाग के खिलाफ कई आरोप लगाए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि एक दो माह पहले ही बिजली आपूर्ति शुरू होने के बावजूद छह हजार रूपये से ज्यादा का बिल भेजा गया है। विसंगतियों की हालत यह है कि कई विद्युत मीटर दूसरों के घरों में लगा दिया गया है। कई बिल ऐसे नाम पर भेजे जा रहे हैं, जिस नाम का उस गांव में उपभोक्ता ही नहीं है। हालत यह है कि कई ऐसे ग्रामीणों के नाम बिल भेज दिया गया है जिसके यहां अभी बिजली का तार भी नहीं पहुंचा है। ग्रामीणों का नेतृत्व कर रहे कांग्रेस नेता ओमप्रकाश अंबर ने पीसीएल पर सरकार को गलत आंकड़े भेजने का आरोप लगाया। कहा कि पीसीएल की गलत सूचना के आधार पर ही सरकार शत प्रतिशत विद्युत आपूर्ति के दावे कर रही है। क्षेत्र में विभाग केवल कागजों पर बिजली पहुंचा रहा है। भाजपा नेता राकेश चंद्रवंशी ने कहा कि पीसीएल द्वारा गलत जानकारी देकर सरकार की छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। कहा कि विभाग दुर्गम क्षेत्र के पीड़ित उपभोक्ताओं के साथ संवेदना दिखाने के बजाय उनके साथ अपमानजनक रवैया अपना रहा है। बताया कि सौभाग्य योजना में भी ग्रामीणों का भाग्य नही खुल रहा है। समाजवादी पार्टी के नेता जमुना यादव ने कहा कि कागज पर कनेक्शन देने की प्रक्रिया के समय से ही बिल जोड़ दिया गया है। जबकि कनेक्शन देने के एक साल बाद तक बिजली का तार कई क्षेत्रों में नहीं पहुंचा था। जब विभाग को यह विसंगति मालूम है तो बार बार क्यों गलत बिल भेजा जा रहा है। उपखंड अधिकारी इ. वीके सिंह को ज्ञापन सौंपकर उचित कार्यवाही की मांग की गई।

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