मुक्खा फॉल बनेगा 'ग्लैपिंग' हब: 100 फीट ऊंचे झरने के सामने होगा नया ठिकाना, लग्जरी टेंट में ठहरेंगे सैलानी
सोनभद्र में मुक्खा फॉल को 'ग्लैपिंग' पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां पर्यटक 100 फीट ...और पढ़ें

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
मुक्खा फॉल 'ग्लैपिंग' पर्यटन केंद्र बनेगा, लक्जरी टेंट में ठहरने की सुविधा।
100 फीट ऊँचे झरने के सामने प्रकृति का अनूठा अनुभव मिलेगा।
सोनभद्र वाइल्डलाइफ सर्किट से पर्यटन को नया आयाम मिलेगा।
मुकेश चंद्र श्रीवास्तव, सोनभद्र। कल्पना कीजिए चारो ओर पहाड़, सामने लगभग 100 फीट की ऊंचाई से गिरता झरना, रात में खुले आसमान के नीचे प्रकृति का सानिध्य और ठहरने के लिए होटल जैसी सुविधाओं से सुसज्जित टेंट। सोनांचल के प्राकृतिक सौंदर्य के बीच पर्यटकों को ऐसा ही अनुभव देने की तैयारी है।
घोरावल क्षेत्र के प्रसिद्ध मुक्खा फॉल को ‘ग्लैपिंग’ पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। कैमूर वन्यजीव अभयारण्य विभाग की इस पहल से यहां आने वाले सैलानियों को सिर्फ झरना देखकर लौटना नहीं पड़ेगा, बल्कि वे प्रकृति के बीच एक-दो रात बिताकर पर्यटन का नया अनुभव भी ले सकेंगे।
टेंट में ठहराव, सुविधाएं लग्जरी वाली
मुक्खा फॉल में ग्लैपिंग की व्यवस्था पर्यटन के पारंपरिक अनुभव को नया रूप देगी। ग्लैपिंग यानी ग्लैमर और कैंपिंग का मेल। इसमें पर्यटकों को खुले प्राकृतिक वातावरण में अस्थायी टेंट के भीतर ठहरने की सुविधा दी जाती है, लेकिन सुविधाएं सामान्य कैंपिंग से अधिक आरामदायक होती हैं। प्रस्ताव के तहत पर्यटन सीजन में यहां ऐसे टेंट लगाए जाएंगे, जहां पर्यटक प्रकृति के करीब रहते हुए होटल जैसी सुविधाओं का आनंद उठा सकेंगे।

तीन किलोमीटर रास्ता बनेगा पर्यटन की राह
प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर मुक्खा फॉल तक पहुंचने वाले मार्ग की स्थिति भी पर्यटन विकास की राह में अहम है। वन विभाग ने क्षतिग्रस्त तीन किलोमीटर मार्ग को दुरुस्त कराने की तैयारी की है। इससे पर्यटकों की आवाजाही सुगम बनाने में मदद मिलेगी।
ग्लैपिंग सुविधा विकसित करने पर जोर
मुक्खा फॉल में बेलन नदी का पानी लगभग 100 फीट की ऊंचाई से नीचे गिरता है। झरने की मनोरम छटा, पहाड़ों से घिरा प्राकृतिक परिवेश और आसपास मौजूद शैलचित्र इस स्थान को खास बनाते हैं। ग्लैपिंग की सुविधा विकसित होने से इन खूबियों का आनंद लेने के लिए पर्यटकों को अधिक समय तक रुकने का अवसर मिलेगा।
तीन प्रमुख स्थलों को जोड़ने की तैयारी
सोनभद्र में पर्यटन की संभावनाओं को विस्तार देने के लिए मुक्खा फॉल के साथ सलखन और कैमूर वन्यजीव विहार को जोड़कर सोनभद्र वाइल्डलाइफ सर्किट विकसित करने की भी योजना है। इसका उद्देश्य जिले के प्रमुख प्राकृतिक और वन्यजीव पर्यटन स्थलों को एक साझा पर्यटन श्रृंखला के रूप में सामने लाना है।
जनपद में पर्यटन विकास को बढ़ावा देने के लिए इस तरह के नवाचार प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही यह प्रयास जमीन पर आएंगे। -अरुषि मिश्रा, डीएफओ कैमूर वन्यजीव अभयारण्य विभाग।
मुक्खा फॉल तक जाने वाले मार्ग मरम्मत को लेकर जल्द ही जमीन पर काम शुरू होगा। इसको लेकर कार्रवाई अपने अंतिम चरण में है। -ज्ञानेश कुमार, रेंज अधिकारी मुक्खा।
