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ब‍िहार के बाद यूपी में स‍ियासी जमीन तलाश रहे मुकेश सहनी, बोले- 'जो आरक्षण देगा उसके साथ हूं'

By mukesh srivastava Edited By: Abhishek sharma
Published: Sun, 20 Sep 2026 05:21 PM (IST)

विकासशील इंसान पार्टी के संस्थापक मुकेश सहनी बिहार के बाद अब उत्तर प्रदेश में निषाद समाज के लिए एससी आरक्षण ...और पढ़ें

HighLights

  1. मुकेश सहनी यूपी में निषाद समाज के लिए एससी आरक्षण की मांग कर रहे।

  2. सोनभद्र से 'निषाद आरक्षण संकल्प अभियान' की शुरुआत की घोषणा की।

  3. सत्ता पक्ष व विपक्ष को निषाद आरक्षण पर चुनौती दी, समर्थन का वादा।

मुकेश चंद्र श्रीवास्तव, सोनभद्र। विकासशील इंसान पार्टी (वीआइपी) के संस्थापक एवं बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी बिहार के बाद अब यूपी में सियासी जमीन तालशने में जुट गए हैं। प्रदेश में विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही यहां सक्रियता बढ़ा दी है। वे शनिवार को सोनभद्र में आए और आरक्षण का शिगूफा छोड़कर रविवार को यहां से रवाना हो गए।

उन्होंने सत्ता पक्ष व विपक्ष को चुनौती दी और कहा कि जो भी निषाद समाज के एससी आरक्षण में शामिल कराएगा वे उनके साथ होंगे। अन्यथा भाजपा के विरोध में यूपी में प्रचार करेंगे। जरूरत पड़ी तो वे यूपी विधानसभा में अपनी पार्टी से उम्मीदवार भी खड़ा करेंगे। वैसे वे 2016 से ही प्रदेश में सक्रिय है। ये बातें उन्होंने सोनभद्र में दैनिक जागरण से बातचीत में कही।

यहां उन्होंने निषाद आरक्षण संकल्प अभियान पूरे उत्तर प्रदेश में चलाने की घोषणा की। मुकेश सहनी ने कहा कि निषाद समाज के आरक्षण सहित हक-अधिकार के लिए लोकतांत्रिक और संगठित तरीके से संघर्ष निरंतर जारी रहेगा। उत्तर प्रदेश में निषाद समाज को उसके संवैधानिक अधिकार और एससी आरक्षण दिलाने के लिए व्यापक जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है।

दावा किया कि अगले वर्ष की शुरुआत तक 50 लाख से अधिक लोगों को हाथ में गंगाजल लेकर आरक्षण के लिए संकल्पित करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक संकल्प अभियान नहीं, बल्कि अपने हक-अधिकार और आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य के लिए लिया गया दृढ़ संकल्प है।

प्रदेश सरकार में मंत्री डा. संजय निषाद पर भी हमला बोला। कहा कि यदि वे सरकार में रहते हुए निषाद समाज को उसके अधिकार और आरक्षण नहीं दिला पा रहे हैं, तो उन्हें सरकार से इस्तीफा देकर विपक्ष की भूमिका में आकर समाज के अधिकारों की लड़ाई लड़नी चाहिए। कहा कि यदि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले निषाद समाज को उसका संवैधानिक एससी आरक्षण नहीं मिलता है, तो समाज को अपने लोकतांत्रिक अधिकार और वोट की ताकत के प्रति जागरूक किया जाएगा।

मुकेश सहनी ने कहा कि समाज की राजनीतिक ताकत तभी मजबूत होगी जब प्रत्येक परिवार अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से गांव, विधानसभा और बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने तथा युवाओं को जनजागरण अभियान से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पिछले कई दिनों से उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में पार्टी के संवाद एवं कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं।

इन कार्यक्रमों के माध्यम से निषाद समाज के बीच आरक्षण, संविधान, सामाजिक न्याय और राजनीतिक भागीदारी को लेकर जागरूकता पैदा की जा रही है। गंगाजल के साथ लिया जा रहा संकल्प अब किसी एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहेगा। यह अभियान पूरे उत्तर प्रदेश में गांव-गांव, घर-घर और बूथ स्तर तक चलाया जाएगा। पार्टी के कार्यकर्ता प्रत्येक परिवार तक पहुंचकर समाज को जागरूक करेंगे और निषाद समाज के संवैधानिक अधिकार तथा आरक्षण की मांग को जन-जन की आवाज बनाएंगे।