सोनभद्र में सरकारी भूमि पर बनी 16 मस्जिदें व ईदगाह, ऐतिहासिक विजयगढ़ किला की भी जांच के घेरे में
सोनभद्र में सरकारी भूमि पर अवैध रूप से बनी मस्जिदों और ईदगाहों की जांच चल रही है, जिसमें विजयगढ़ किले ...और पढ़ें

सोनभद्र में सरकारी भूमि पर बनी 16 मस्जिदें और ईदगाह जांच के घेरे में विजयगढ़ किला भी शामिल।
HighLights
सोनभद्र में सरकारी भूमि पर बनी मस्जिदों-ईदगाहों की जांच।
विजयगढ़ किले पर अवैध कब्जे की भी हो रही पड़ताल।
जांच के बाद कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा गया।
जागरण संवाददाता, सोनभद्र। दुद्धी तहसील के बघाड़ू में आदिवासियों की जमीन धोखे से खरीदकर मुस्लिमों को बसाने और वहां की जनसंख्या संतुलन को बदलने के मामले के बीच, जिले के विभिन्न स्थानों पर सरकारी भूमि पर निर्मित मस्जिदों और ईदगाहों की भी जांच की जा रही है।
इस मामले में जांच की मांग भाजपा जिलाध्यक्ष नंदलाल ने जिलाधिकारी के समक्ष उठाई थी। इसमें ऐतिहासिक विजयगढ़ किला भी शामिल था, जिस पर अवैध कब्जे का आरोप लगाया गया है। नंदलाल ने यह भी मांग की थी कि अतिक्रमण हटाकर किले को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए।
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अपने पदभार ग्रहण के एक सप्ताह के भीतर, 25 अप्रैल को जांच का निर्देश दिया। इसके लिए एक समिति का गठन किया गया। समिति ने अपनी जांच में पाया कि जिले में छह स्थानों पर सरकारी भूमि पर मस्जिदें और ईदगाहें बनाई गई हैं। अब इस मामले में कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। इसमें एनसीएल की जमीन पर जामा मस्जिद और एनटीपीसी की जमीन पर गुलसे मदीना जामा मस्जिद का निर्माण भी शामिल है।
वहीं, विजयगढ़ किले की जांच प्रभागीय वनाधिकारी को सौंपी गई थी, लेकिन उन्होंने अभी तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की है। यह स्थिति स्थानीय प्रशासन के लिए चिंता का विषय बनी हुई है, क्योंकि यह मामला न केवल भूमि के अवैध कब्जे से संबंधित है, बल्कि इससे स्थानीय जनसंख्या के संतुलन पर भी प्रभाव पड़ सकता है।
इस मामले में भाजपा के स्थानीय नेताओं ने आरोप लगाया है कि कुछ तत्व जानबूझकर आदिवासी भूमि का अधिग्रहण कर रहे हैं, जिससे क्षेत्र की सांस्कृतिक और सामाजिक संरचना प्रभावित हो रही है। इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार के मामलों की जांच से यह सुनिश्चित होगा कि सरकारी भूमि का उपयोग सही तरीके से हो रहा है और किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे को रोका जा सके।
जिलाधिकारी ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया है और कहा है कि जांच के परिणामों के आधार पर उचित कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी भूमि का संरक्षण और उसके उचित उपयोग के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
इस प्रकार, सोनभद्र में सरकारी भूमि पर बनी मस्जिदों और ईदगाहों के मामले में जांच की प्रक्रिया जारी है, और यह देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है। स्थानीय निवासियों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए यह जांच अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इस मामले में आगे की कार्रवाई और जांच के परिणामों का सभी को इंतजार है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सरकारी भूमि का उपयोग सही तरीके से हो रहा है और किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे को रोका जा सके।
