वाराणसी केंद्रीय कारागार के वरिष्ठ अधीक्षक के विरुद्ध वाद दर्ज करने का आदेश

जागरण संवाददाता, सोनभद्र: अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम खलीकुज्ज्मा की अदालत ने 12 मुकदमों से संबंधित अभियुक्तों के बारे में तीन माह बाद भी आख्या प्रस्तुत नहीं करने पर कड़ा रुख अपनाया है। अदालत में शनिवार को सुनवाई के दौरान अत्यंत आपत्तिजनक व लापरवाही का द्योतक मानते हुए वाराणसी केंद्रीय कारागार के वरिष्ठ अधीक्षक के विरुद्ध वाद दर्ज करने का आदेश दिया है। साथ ही 19 जुलाई को न्यायालय के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने को कहा है। इसके अलावा 13 मार्च को मांगी गई आख्या भी प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने वरिष्ठ अधीक्षक को 13 मार्च को भेजे पत्र में आदेशित किया गया था कि जिला कारागार सोनभद्र से स्थानांतरित होकर केंद्रीय कारागार वाराणसी भेजे गए 12 मुकदमों के अभियुक्तों के अर्थदंड के सापेक्ष सजा भुगतने व सजा पूरी करने के संबंध में अविलंब आख्या प्रेषित करें। पत्र प्रेषित किए हुए तीन माह से अधिक समय व्यतीत हो गया, लेकिन वरिष्ठ अधीक्षक ने आख्या प्रस्तुत नहीं की, जिसे कोर्ट ने अत्यंत आपत्तिजनक माना है। कोर्ट ने कहा कि वरिष्ठ अधीक्षक ने पत्र व आदेशों को गंभीरता से नहीं लिया। यही वजह रही कि अब तक आख्या नहीं प्रस्तुत की गई।

Edited By: Jagran