जासं, महुली (सोनभद्र) : बरसात कम होने से किसानों की खेती गड़बड़ा गई है, वहीं दूसरी तरफ जिन किसानों ने धान की रोपाई कर दी है, उन्हें खाद ही नहीं मिल रही है। इससे किसान दोहरी मार झेलने को विवश हैं। किसानों ने जिला प्रशासन से सभी साधन सहकारी समितियों पर तत्काल यूरिया की खेप भेजने की मांग की है ताकि धान की फसल को सुरक्षित किया जा सके।

दुद्धी ब्लाक के साधन सहकारी समिति महुली में यूरिया न होने से किसान परेशान हैं। तमाम किसान बाजार से यूरिया खरीदने को मजबूर हो रहे हैं। महुली के किसान द्वारिका प्रसाद, अयोध्या गुप्ता, पारस नाथ चौबे, रमेश यादव, राजा यादव ने बताया कि साधन सहकारी समिति पर 12 अगस्त को 24.3 एमटी यानि 540 बोरी यूरिया व पांच सौ बोरी डीएपी आई थी, जिसे किसानों के बीच वितरित कर दिया गया। जिसकी बदौलत तमाम किसानों ने धान की रोपाई कर दी। धान की रोपाई करने के बाद किसानों को यूरिया की जरूरत है लेकिन वह मिल नहीं रही है। जिससे किसान परेशान हैं। किसानों का यह भी कहना है कि वर्तमान समय में सरकार द्वारा किसानों के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही है लेकिन किसानों के कृषि कार्य के लिए खाद की किल्लत होने से वे परेशान हैं। किसान दुकानों का चक्कर लगा रहे हैं। खाद न मिलने से किसान खेती नहीं कर पा रहे हैं। गांवों में यूरिया खाद की कमी के चलते तमाम किसान धान की रोपाई नहीं कर पा रहे हैं। एक तो वर्षा की कमी और ऊपर से खाद की किल्लत के चलते अन्नदाता परेशान हैं। साधन सहकारी समिति के सचिव परमेश्वर यादव ने बताया कि उनकी समिति से 350 किसान जुड़े हुए हैं। किसानों को यूरिया की जरूरत है। यदि इस साधन सहकारी समिति पर एक हजार बोरी यूरिया आवंटित हो जाती तो किसानों की समस्या हल हो जाती।

Posted By: Jagran

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