सोनभद्र में मंदिर में पिटाई से व्यक्ति के मौत के दोषी को 10 वर्ष के कारावास की सजा
सोनभद्र में एक व्यक्ति की मंदिर में पीट-पीटकर हत्या के मामले में न्यायालय ने सुख सिंह गौंड़ को दोषी ठहराया ...और पढ़ें

सोनभद्र: मंदिर में हत्या के दोषी सुख सिंह गौंड़ को 10 साल की जेल, जुर्माना भी।
HighLights
सोनभद्र में मंदिर में हुई हत्या का दोषी करार।
सुख सिंह गौंड़ को 10 साल कारावास की सजा।
न्यायालय ने 10,500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
जागरण संवाददाता, सोनभद्र। न्यायालय सत्र न्यायाधीश राम सुनील सिंह की अदालत ने हत्या के मामले में बभनी थाना क्षेत्र के चकबदरी गांव निवासी सुख सिंह गौंड़ को दोषी पाकर सजा सुनाया है। न्यायालय ने उसे 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 10 हजार 500 रुपये का अर्थ दंड लगाया है। अर्थ दंड की राशि अदा न करने पर दोषी को तीन माह अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
बभनी थाना क्षेत्र के मचबंधवा गांव निवासी पीड़िता ललिता ने 28 अगस्त 2024 को थाने पर तहरीर दिया कि 27 अगस्त 2024 को रात्रि लगभग दो बजे उसके पति नंदू को फोन कर रामनारायण, कृष्णानंद व मंदिर के पुजारी संजय पंडित ने अचानक मंदिर में पहुंचने को कहा। इससे उसके पति नंदू, पड़ोसी रवि कुमार उर्फ राजन को लेकर मंदिर पहुंचे।
इसी बीच तीनों व्यक्तियों ने साजिश कर सुख सिंह गौंड़ को पहले से ही मंदिर में बुला लिया था। नंदू और रवि के पहुंचते ही राम नारायण के कहने पर सुख सिंह मारपीट करना चालू कर दिया, जिससे भारी चोट से उसके पति नंदू की मौके पर ही मौत हो गई। साथी रवि बचाव का लगातार प्रयास करता रहा लेकिन काफी चोट लगने से वह भी घायल हो गया।
राम नारायण, कृष्णानंद व संजय पुजारी पूरी घटना देखते रहे। थोड़ी भी मदद नहीं की जिससे उसके पति की दर्दनाक मौत हो गई। इस तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू की। विवेचना के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने सुख सिंह के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल किया। जनपद एवं सत्र न्यायाधीश ने मामले की सुनवाई करते हुए सुख सिंह गौंड़ को दोषी पाया और सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से बहस सरकारी वकील ज्ञानेंद्र शरण राय ने की।
