जागरण संवाददाता, बीजपुर (सोनभद्र) : केंद्र सरकार की अति महत्वाकांक्षी योजना नमामि गंगे पेयजल योजना जनपद में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ने लगी है। विभिन्न कारणों से विलंबित चल रहे इस अति महत्वाकांक्षी योजना में अब गड़बड़ी के भी मामले सामने आने लगे हैं। ताजा मामला म्योरपुर ब्लाक के खम्हरिया गांव के पास बन रहे प्लांट निर्माण में स्थानीय बालू प्रयोग का है। इसको लेकर अब स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर जांच की मांग उठाई है।

निर्माणाधीन परियोजना खनन माफियाओं के लिए वर्तमान समय मे दुधारू गाय बनी हुई है। परियोजना में खपने वाला सैकड़ों ट्रक बालू लोकल नदी व नाले से निकाल कर यहां पर खपाया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि वर्तमान समय में बालू खनन के लिए 20 से 25 टीपर और 10 से 15 ट्रैक्टर इस अवैध कार्य में रात दिन लगे हुए हैं। यहां पर बालू खपाने की इस कदर होड़ मची है कि अवैध खननकर्ता आपस में भी लड़ जा रहे हैं। इसी को लेकर दो दिन पहले दो पक्षों में विवाद हो गया, मामला इतना बढ़ा कि इसकी शिकायत पुलिस तक पहुंची। जहां दोनों पक्षों को हिदायत के साथ समझौता कराकर वापस भेजा गया। गौरतलब है कि करोड़ों की लागत से हजारों घरों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए जनपद में कई स्थानों पर प्लांट स्थापित किया जा रहा है। यहां पर गिट्टी व बालू की खपत भी काफी होगी। बारिश के कारण बालू खनन पर रोक है, इसी का फायदा अवैध खननकर्ता उठा रहे हैं। इस बाबत नमामि गंगे परियोजना के एडीएम आशुतोष दुबे ने कहा कि मामला संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसी कोई शिकायत है तो जांच कराई जाएगी। जांच में मामला सही मिलने पर जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई होगी।

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