विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

छत्तीसगढ़-झारखंड में भारी बारिश से उफान पर कन्हर बांध, खोले गए 4 स्पिलवे गेट 262.800 मीटर पहुंचा जलस्तर

By mukesh srivastava Edited By: Abhishek sharma
Published: Fri, 11 Sep 2026 01:59 PM (IST)

सोनभद्र जिले के दुद्धी में स्थित कन्हर सिंचाई परियोजना के जलस्तर में छत्तीसगढ़ और झारखंड में भारी बारिश के कारण ...और पढ़ें

सोनभद्र के कन्हर बांध में जलस्तर बढ़ा चार स्पिलवे गेट खोले गए।

सोनभद्र के कन्हर बांध में जलस्तर बढ़ा चार स्पिलवे गेट खोले गए।

HighLights

  1. कन्हर बांध का जलस्तर 262.800 मीटर पहुंचा।

  2. चार स्पिलवे गेट 2-2 मीटर तक खोले गए।

  3. निचले तटीय क्षेत्रों में सुरक्षा अलर्ट जारी।

जागरण संवाददाता, दुद्धी (सोनभद्र)। सोनभद्र जिले के दुद्धी तहसील अंतर्गत अमवार में स्थित कन्हर सिंचाई परियोजना के जलस्तर में आज अचानक बड़ा उछाल दर्ज किया गया है। पड़ोसी राज्यों छत्तीसगढ़ और झारखंड के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में हो रही मूसलाधार बारिश के कारण बांध में पानी की आवक तेजी से बढ़ गई है।

मामले की जानकारी देते हुए कन्हर परियोजना के अधिशासी अभियंता विनोद कुमार ने बताया कि बांध में बढ़ते जलभराव और पानी के दबाव को नियंत्रित करने के लिए स्पिलवे के चार गेटों को खोलकर सुरक्षित जल निकासी की जा रही है। जलस्तर बांध का वर्तमान जलस्तर 262.800 मीटर दर्ज किया गया है।

गेट खोलने की स्थिति बांध के गेट संख्या 5, 6, 9 और 11 को 2-2 मीटर की ऊंचाई तक खोला गया है। जल वृद्धि का मुख्य कारण छत्तीसगढ़ और झारखंड के कैचमेंट इलाकों में लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है। पानी बढ़ने की वजह से ऊपरी और न‍िचले स्‍तर पर भी द‍िक्‍कतें शुरू हो गई हैं।  

निचले तटीय क्षेत्रों में अलर्ट जारी
अधिशासी अभियंता विनोद कुमार ने आगे बताया कि गेट खोले जाने से कन्हर नदी के निचले बहाव वाले क्षेत्रों में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। सुरक्षा के दृष्टिगत स्थानीय प्रशासन तथा सिंचाई विभाग द्वारा अलर्ट जारी कर दिया गया है। अमवार, दुद्धी और आसपास के तटीय गांवों में मुनादी करवाकर ग्रामीणों, मछुआरों और पशुपालकों को नदी के पाट तथा निचले इलाकों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी गई है।

प्रशासन की लगातार निगरानी सिंचाई विभाग के अनुसार, छत्तीसगढ़ और झारखंड से आ रहे पानी की आवक पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रखी जा रही है। यदि ऊपरी इलाकों में बारिश का दौर इसी तरह जारी रहता है, तो स्थिति के अनुसार गेटों की ऊंचाई और बढ़ाई जा सकती है। पुलिस व राजस्व विभाग की टीमों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट पर रखा गया है।