सोनभद्र में डीएम ने टीम के साथ किया 45 मिनट श्रमदान, एक टन प्लास्टिक कबाड़ी को बेचने पर मिले 2500 रुपये किए दान
सोनभद्र के पंचमुखी महादेव मंदिर में जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान के तहत 45 मिनट श्रमदान किया। ...और पढ़ें
HighLights
जिलाधिकारी ने पंचमुखी महादेव मंदिर में 45 मिनट श्रमदान किया।
जागरण संवाददाता, सोनभद्र। स्वच्छता अभियान में सिर्फ सफाई का संदेश देने के बजाय उसे व्यवहार में उतारने की पहल पंचमुखी महादेव मंदिर में देखने को मिली। सेवा संकल्प अभियान के तहत स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम में जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने खुद करीब 45 मिनट तक श्रमदान कर मंदिर परिसर की सफाई की। इस दौरान उन्होंने प्लास्टिक और सिंगल यूज प्लास्टिक को एकत्र करने की कमान भी संभाली। अभियान में करीब 1000 किलोग्राम प्लास्टिक एकत्र हुआ।
उसे कबाड़ी को बेचने पर मिले 2500 रुपये भी मंदिर के रखरखाव के लिए समर्पित कर दिए गए। चुर्क स्थित पंचमुखी महादेव मंदिर में आयोजित अभियान में जिलाधिकारी के साथ मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, डीपीआरओ नमिता शरण समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी भी श्रमदान में जुटे। बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने भी सहभागिता की। इससे अभियान महज विभागीय कार्यक्रम न रहकर जनभागीदारी का रूप लेता दिखा।
सफाई के साथ स्थायी व्यवस्था पर जोर
जिलाधिकारी ने मंदिर परिसर की सफाई के बाद वहां दो डस्टबिन भी स्थापित कराए। इसका उद्देश्य सफाई अभियान के बाद भी परिसर में कूड़ा इधर-उधर न फैले और श्रद्धालु कूड़े का निर्धारित स्थान पर निस्तारण करें। प्लास्टिक को कबाड़ में बेचकर मिली धनराशि को मंदिर में ही दान करने की पहल से स्वच्छता अभियान को मंदिर की व्यवस्थाओं से जोड़ने का प्रयास किया गया।
स्वच्छता को अभियान नहीं, आदत बनाने का संदेश
जिलाधिकारी ने कहा कि धार्मिक और सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है। इसमें प्रत्येक नागरिक की भागीदारी जरूरी है। लोगों से सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करने और कूड़ा निर्धारित स्थान पर डालने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वच्छता ही सेवा का उद्देश्य केवल एक दिन सफाई करना नहीं, बल्कि स्वच्छता को जन-आंदोलन बनाना है। प्रशासन के साथ आमजन अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे तो धार्मिक और सार्वजनिक स्थल लंबे समय तक स्वच्छ रह सकेंगे।
