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सोनभद्र में तीन माह के मासूम ने निगला बाल में लगाने वाला क्लेचर, गले में फंसा तो जान सांसत में पड़ी

By mukesh srivastava Edited By: Abhishek sharma
Published: Mon, 05 Oct 2026 05:58 PM (IST)

सोनभद्र के म्योरपुर में तीन माह के बच्चे ने खेलते समय बाल में लगाने वाला क्लेचर निगल लिया, जिससे उसकी ...और पढ़ें

सोनभद्र में तीन माह के मासूम ने निगला क्लेचर, गले में फंसने से परिजनों की अटकी सांसें।

सोनभद्र में तीन माह के मासूम ने निगला क्लेचर, गले में फंसने से परिजनों की अटकी सांसें।

HighLights

  1. तीन माह के बच्चे ने खेलते समय क्लेचर निगला।

  2. क्लेचर गले में फंसने से बच्चे की हालत गंभीर हुई।

  3. अस्पताल ले जाते समय क्लेचर अपने आप बाहर निकला।

जागरण संवाददाता, म्योरपुर (सोनभद्र)। थाना क्षेत्र के रासपहरी गांव में सोमवार सुबह खेलते समय राजन का तीन माह का पुत्र आयुष ने बाल में लगाने वाला क्लेचर निगल लिया। यह क्लेचर उसके गले में फंस गया, जिससे उसकी स्थिति गंभीर हो गई। बच्चे को सांस लेने में कठिनाई होने लगी और वह बेहोश हो गया। यह देखकर परिजनों में हड़कंप मच गया।

परिजन तुरंत उसे सीएचसी म्योरपुर ले गए, जहां उपस्थित चिकित्सक डा. पल्लवी सिन्हा ने फंसे क्लेचर को निकालने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। बच्चे की स्थिति को देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। इस दौरान परिजन उसे एंबुलेंस से जिला अस्पताल ले जाने लगे, लेकिन इसी बीच गले में फंसा क्लेचर अपने आप निकल गया।

परिजनों ने तुरंत बच्चे को फिर से सीएचसी म्योरपुर में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज जारी है। क्लेचर के निकलने से परिजनों ने राहत की सांस ली। इस घटना ने सभी को एक बार फिर यह याद दिलाया कि छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहना कितना आवश्यक है।

बच्चों के खेलने के दौरान ऐसे छोटे-छोटे सामानों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है, ताकि ऐसी घटनाओं से बचा जा सके। चिकित्सकों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं आमतौर पर तब होती हैं जब बच्चे अपने आसपास के सामान को बिना समझे निगल लेते हैं। इस घटना ने स्‍पष्‍ट क‍िया है क‍ि माता-पिता को चाहिए कि वे अपने बच्चों को ऐसे खतरनाक सामानों से दूर रखें और उन्हें सुरक्षित खेलने के लिए उपयुक्त स्थान प्रदान करें।