सोनभद्र में शिकार के लिए बिछाए करंट वाले तार ने ली युवक की जान, तीन पर मुकदमा दर्ज
सोनभद्र के जुगैल में जंगली जानवरों के शिकार के लिए बिछाए गए 11 हजार वोल्ट के तार से 18 वर्षीय ...और पढ़ें

सोनभद्र में 11 हजार वोल्ट के तार से युवक की दर्दनाक मौत, जंगली सूअर के शिकार के लिए बिछाया था जाल।
HighLights
18 वर्षीय अर्जुन गुप्ता की करंट लगने से मौत।
जंगली जानवरों के शिकार के लिए बिछाया था तार।
पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।
जागरण संवाददाता, जुगैल (सोनभद्र)। जुगैल थाना क्षेत्र के चतरवार ग्राम पंचायत में रविवार देर रात करंट की चपेट में आने से 18 वर्षीय अर्जुन गुप्ता की मौत हो गई।
आरोप है कि जंगली जानवरों के शिकार के लिए खेत में 11 हजार वोल्ट की लाइन से जीआइ तार जोड़ा गया था। इसी तार की चपेट में दो दिन पहले एक जंगली सूअर की भी मौत हुई थी। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
मकरवानी टोला निवासी राजेश गुप्ता का पुत्र अर्जुन रात में घर से करीब 100 मीटर दूर खाली खेत में शौच के लिए गया था। इसी दौरान वह करंट प्रवाहित तार में उलझ गया।
उसकी चीख सुनकर पड़ोस में रहने वाली मुनिया टार्च लेकर बाहर निकलीं तो युवक तार में लिपटा मिला। स्वजन उसे सीएचसी लेकर गए जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। अर्जुन दो भाइयों में बड़ा था। घटना के बाद भी वन विभाग और बिजली विभाग का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।
एक किलोमीटर तक बिछा था तार
ग्रामीणों के अनुसार जंगल से सटे खेत में करीब एक किलोमीटर तक जीआई तार बिछाकर उसे बिजली लाइन से जोड़ा गया था। खेत कमला और मनीजर के बताए जा रहे हैं। बरगवां से नेवारी तक जंगली सूअरों के शिकार के लिए इस तरह करंट वाले तार बिछाए जाते हैं।
केस एक:
शिकार के लिए बिछाए तार से किशोर की मौत
सोनभद्र के दुद्धी क्षेत्र के कुलडोमरी गांव के खोड़िया टोला में जनवरी 2025 में 17 वर्षीय बब्बन सिंह की करंट लगने से मौत हो गई थी। वह दवा लेने के लिए बिरनबहरा जा रहा था। जल्दी पहुंचने के लिए खेत का रास्ता पकड़ा, जहां जंगली सूअर के शिकार के लिए 11 हजार वोल्ट की लाइन से तार जोड़ा गया था। इसकी चपेट में आने से उसकी जान चली गई थी।
केस दो:
बैल खोजने गए दो सगे भाई झुलसे
सोनभद्र के निगाई ग्राम पंचायत के हररिया टोला धौराबधान में सितंबर 2026 में जंगली सूअर के शिकार के लिए खेत में बिछाए गए करंटयुक्त तार की चपेट में आने से दो सगे भाई गंभीर रूप से झुलस गए थे। जगरनाथ चेरो और गुदन चेरो अपने बैल खोजने गए थे। लौटते समय दोनों तार में उलझ गए। जगरनाथ की हालत गंभीर होने पर उन्हें वाराणसी रेफर किया गया था।
