जागरण संवाददाता, सोनभद्र : मन को मोह लेने वाली हरी वादियां, दुनिया की सबसे पुरानी फासिल्स व भित्तचित्र के साथ-साथ बारिश के मौसम में कल-कल बहते झरने ऐसे न जाने कितने नजारे सोनभद्र में आप को देखने को मिल जाएंगे। शाहगंज स्थित महुअरिया में काले हिरण कुचाले मारते हैं। इन सब को प्रदेश के साथ-साथ देश के पर्यटन मानचित्र पर लाने के लिए सरकार के इस बजट से बहुत उम्मीदें थी, लेकिन बजट आने के बाद यहां के लोगों के हाथ में मायूसी लगी। जिले के पर्यटन को फलक पर लाने के लिए बजट की मांग काफी समय से उठ रही थी, उम्मीद भी थी कि इस बजट में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कुछ बड़ा ऐलान करेंगे लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।

आदिवासी बाहुल्य व चार राज्यों से सटे सोनभद्र में पर्यटन की अपार संभावनाएं है। इसको लेकर समय-समय पर जिले स्तर पर कुछ प्रयास भी किए गए हैं, बावजूद इसके प्रदेश स्तर से अपेक्षित सहयोग न मिलने से स्थिति में सुधार नहीं हो पा रही है। जानकारों के अनुसार अगर जिले में पर्यटन को बढ़ावा मिलता है तो निश्चित रूप से यहां के लोगों के आय के साधन भी बढ़ेगे और विकास का पहिया तेजी से घुमेगा। योगी सरकार के इस चौथे बजट से जिले के पर्यटन को अपेक्षित सहयोग न मिलने से लोगों में मायूसी जरूर आई है। जिले सुरेश, पंकज व राहुल ने बताया कि अगर जिले के पर्यटन स्थलों के आसपास मूलभूत सुविधाओं को बढ़ा दिया जाता तो लोगों की पहुंच वहां पर सुगम होता और रोजगार के साधन बढ़ता। कहा कि बारिश के मौसम में जिले के प्राकृतिक खूबसूरती अपने चरम पर रहती है, इसके व्यापक प्रचार-प्रसार की जरूरत है।

Posted By: Jagran

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