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कोयले के संकट में उत्पादन निगम के चार बिजलीघर, मानक के 25 प्रतिशत से भी नीचे पहुंचा स्टाक

By mukesh srivastava Edited By: Abhishek sharma
Published: Fri, 25 Sep 2026 03:56 PM (IST)

उत्पादन निगम के छह बिजलीघरों में कोयले का स्टॉक निर्धारित मानक के मुकाबले केवल 27 प्रतिशत रह गया है, जिससे ...और पढ़ें

उत्तर प्रदेश के बिजलीघरों में गहराया कोयला संकट चार संयंत्र गंभीर स्थिति में।

उत्तर प्रदेश के बिजलीघरों में गहराया कोयला संकट चार संयंत्र गंभीर स्थिति में।

HighLights

  1. उत्पादन निगम के छह बिजलीघरों में कोयला स्टॉक मानक से 27%।

  2. चार बिजलीघर क्रिटिकल जोन में, बिजली उत्पादन बनाए रखना चुनौती।

  3. अनपरा और ओबरा तापीय परियोजनाओं में भी कोयले की भारी कमी।

जागरण संवाददाता, अनपरा (सोनभद्र)। कोयला उत्पादन और प्रेषण प्रभावित होने का असर अब उत्पादन निगम के बिजलीघरों पर साफ दिखाई देने लगा है। प्रदेश में बिजली की मांग के बीच उत्पादन निगम के छह बिजलीघरों में कोयले का स्टाक निर्धारित मानक के मुकाबले महज 27 प्रतिशत रह गया है। इनमें चार बिजलीघर क्रिटिकल जोन में पहुंच गए हैं।

9115 मेगावाट की कुल उत्पादन क्षमता वाले इन बिजलीघरों में सीमित कोयला उपलब्धता के बीच उत्पादन व्यवस्था को बनाए रखना ऊर्जा प्रबंधन के लिए चुनौती बन गया है। उत्पादन निगम की सबसे बड़ी 2,630 मेगावाट क्षमता वाली अनपरा तापीय परियोजना में 12 दिनों के लिए 4.54 लाख टन कोयला स्टाक का मानक निर्धारित है।

इसके सापेक्ष वर्तमान में करीब 1.49 लाख टन कोयला ही उपलब्ध है। यह मानक का महज 33 प्रतिशत है। परियोजना में प्रतिदिन करीब 36.3 हजार टन कोयले की खपत हो रही है, जबकि एनसीएल से करीब 43.8 हजार टन प्रतिदिन की आपूर्ति मिल रही है।

वहीं ओबरा तापीय परियोजना में 20 दिनों के लिए 7.19 लाख टन कोयले का मानक है। वर्तमान में यहां 2.79 लाख टन कोयला उपलब्ध है, जो मानक का 39 प्रतिशत है। परियोजना की कई इकाइयों के लंबे समय से बंद रहने के कारण खपत कम है। इसके बावजूद प्रतिदिन करीब 13.7 हजार टन खपत के मुकाबले 11.2 हजार टन कोयले की ही आपूर्ति हो रही है।