अर्नब चक्रवात से हुई भारी बारिश के बाद बाणसागर बांध के 10 गेट खुले, सोन नदी में हजारों क्यूमेक्स पानी छोड़ा गया
बाणसागर बांध में पानी की आवक बढ़ने के कारण 10 रेडियल गेट खोल दिए गए, जिससे सोन नदी में 5000 ...और पढ़ें

बाणसागर बांध के गेट खुलने से सोन नदी का जलस्तर बढ़ा, तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का अलर्ट जारी।
HighLights
बाणसागर बांध के 10 रेडियल गेट खोलकर पानी छोड़ा गया।
सोन नदी में 5000 क्यूमेक्स से अधिक पानी का प्रवाह।
जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ा।
जागरण संवाददाता, सोनभद्र। बाणसागर मुख्य बांध में पानी का आवक बढ़ने और पूर्ण भराव जलस्तर बनाए रखने के लिए रविवार सुबह 10:20 बजे स्पिलवे के 10 रेडियल गेट खोलकर उनकी ओपनिंग बढ़ा दी गई। गेट संख्या 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12 व 13 की ओपनिंग दो मीटर से बढ़ाकर 2.50 मीटर कर दी गई। इसके अलावा गेट संख्या चार और पांच को भी 2.50 मीटर तक खोल दिया गया। इससे स्पिलवे के 10 रेडियल गेटों से कुल 5075 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है।
बांध प्रबंधन के अनुसार स्पिलवे और पावर हाउस-03 से सोन नदी में छोड़े जा रहे पानी का कुल प्रवाह 5247.97 क्यूमेक्स हो गया है। आवक में और वृद्धि होने पर पानी का डिस्चार्ज बढ़ाया जा सकता है। इसके चलते सोन नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हुई है। वर्तमान में नदी का जलस्तर 186.9 मीटर दर्ज किया गया है, जबकि खतरे का निशान 171 मीटर है।
बाणसागर के डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में सोन नदी के दोनों किनारों पर रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। प्रशासन एवं मैदानी अमले को तटवर्ती आबादी तक सूचना पहुंचाने और लोगों को नदी से पर्याप्त दूरी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों से नदी में नहीं जाने की अपील की गई है।
बाणसागर बांध के गेट खुलने के बाद सोन नदी में पानी का प्रवाह तेज हो गया है। इससे नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। तेज बहाव के कारण सोन की सहायक नदियों में भी बैकफ्लो की स्थिति बनने लगी है। रेणुका, बिजुल समेत अन्य सहायक नदियों और नालों का जलस्तर भी बढ़ रहा है। नदी किनारे बसे गांवों में बाढ़ की आशंका को लेकर ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। नदी किनारे खेती करने वाले किसानों को फसलों के नुकसान की चिंता सताने लगी है। प्रशासन ने ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की है।
