यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 18, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
फाइलेरिया मुक्ति अभियान 22 नवंबर से होगा शुरु
जागरण संवाददाता सोनभद्र फाइलेरिया मुक्ति अभियान की तैयारी को लेकर जिलाधिकारी टीके शिबु की अध्यक्षता में गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, सोनभद्र : फाइलेरिया मुक्ति अभियान की तैयारी को लेकर जिलाधिकारी टीके शिबु की अध्यक्षता में गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में तैयारियों के संबंध में चर्चा की गई। इस दौरान फाइलेरिया मुक्ति अभियान के लिए की गई। तैयारियों के संबंध में डीएम ने बिदुवार जानकारी प्राप्त की।
इस दौरान जिला मलेरिया अधिकारी धर्मेंद्र नारायण श्रीवास्तव ने बताया कि फाइलेरिया मुक्ति अभियान को सफल बनाने के लिए जनपद में 1727 टीमों का गठन किया गया है। कार्यों के निरीक्षण के लिए 342 सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं और इसको सफल बनाने के लिए एनजीओ से भी सहायता ली जाएगी। जिला स्तर पर भी टीम का गठन किया गया है, जिसमें एसीएमओ, मलेरिया इंस्पेक्टर, चिकित्सा अधीक्षक के नेतृत्व में भी टीमों का गठन किया गया है। जनपद में लगभग 18 लाख 38 हजार लोगों को फाइलेरिया की दवा खिलायी जाएगी। डीएम टीके शिबु ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि फाइलेरिया मुक्ति अभियान जो 22 नवंबर को प्रांरभ हो रहा है। इसमें दवा वितरण के दौरान घर-घर जाकर लोगों को अपने सामने ही दवा खिलायी जाए। लोगों को यह बताया जाए कि फाइलेरिया बीमारी मच्छर से काटने वाला एक संक्रामक रोग है, व्यक्ति किसी भी उम्र में फाइलेरिया बीमारी से संक्रमित हो सकता है। फाइलेरिया के लक्षण हाथ और पैर में सूजन हाथी पांव होना है। एमडीए के दौरान सरकार द्वारा मुक्त में दी जाने वाली फाइलेरिया रोधी दवा का प्रयोग नागरिक अवश्य करें। यह दवा पेट के अन्य खतरनाक कीटों को भी खत्म कर देती है। यह दो साल से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं, गंभीर रोग से पीड़ित लोगों को छोड़कर सभी को दी जानी है। डीएम ने जिला पंचायत राज अधिकारी एवं नगर पालिका के ईओ तथा नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह इस अभियान के दौरान जल भराव वाले स्थानों पर एन्टीलार्वा दवा का छिड़काव करायें। सभी विभाग फाइलेरिया मुक्ति अभियान से संबंधित सभी विभाग आपस में समन्वय बनाकर इस अभियान को सफल बनाएं। इस मौके पर एसीएमओ डा. आरजी यादव, डा. प्रेमनाथ, डीपीओ अजीत सिंह, डीसी एनआरएलएम एके जौहरी आदि मौजूद रहे।
