जासं, सोनभद्र : बेसन के लड्डू में खेसारी की पीसी हुई दाल मिलाकर बेचने वाले एक कैंटिन संचालक को एक वर्ष की सजा और दो हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। यह आदेश मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने ओबरा तापीय परियोजना के कैंटिन में 21 साल पहले हुई जांच के मामले में सुनाया।

वर्ष 1997 में ओबरा तापीय परियोजना के कैंटिन में खाद्य विभाग के खाद्य निरीक्षक एसी सिन्हा ने जांच किया था। जांच के दौरान उन्होंने शंकर के कैंटिन में बेचने के लिए रखा गया बेसन का लड्डू मंगाया। उसका उन्होंने सैंपल लिया और जांच के लिए लखनऊ भेजा। जांच रिपोर्ट आई तो पता चला कि बेसन के लड्डू में खेसारी की दाल मिलाई गई थी। जो प्रतिबंधित है। इस मामले की जांच हुई और मामला न्यायालय पहुंच गया। उसी समय से चल रहे मुकदमे में मंगलवार को न्यायालय मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने अहम फैसला सुनाया। उन्होंने आरोपित दुकानदार शंकर को एक साल की सजा व दो हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। बता दें कि खेसारी दाल प्रतिबंधित है। इसके सेवन से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ता है।

Posted By: Jagran

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