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ऊर्जा नगरी सोनभद्र में फाल्ट-रोस्टिंग के नाम पर घंटों गुल हो रही बिजली, उमस में लोग परेशान

By mukesh srivastava Edited By: Abhishek sharma
Published: Fri, 18 Sep 2026 05:29 PM (IST)

ऊर्जा नगरी ओबरा, सोनभद्र में फाल्ट और रोस्टिंग के नाम पर लगातार बिजली कटौती से लोग परेशान हैं, जिससे घंटों ...और पढ़ें

ऊर्जा नगरी ओबरा में बिजली कटौती से लोग बेहाल, उमस भरी गर्मी में बढ़ी मुश्किलें।

ऊर्जा नगरी ओबरा में बिजली कटौती से लोग बेहाल, उमस भरी गर्मी में बढ़ी मुश्किलें।

HighLights

  1. ओबरा में फाल्ट और रोस्टिंग के नाम पर घंटों बिजली कटौती।

  2. उमस भरी गर्मी में पंखे-कूलर बंद, जनजीवन प्रभावित हो रहा।

  3. हरितालिका तीज पर भी बिजली गुल, व्रती महिलाएं परेशान हुईं।

जागरण संवाददाता, ओबरा (सोनभद्र)। ऊर्जा नगरी ओबरा में बिजली कटौती का संकट लगातार गहराता जा रहा है। फाल्ट और रोस्टिंग के नाम पर नगर के विभिन्न हिस्सों में घंटों आपूर्ति बाधित रहने से उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। दिन हो या रात, बिजली कब चली जाएगी और कब बहाल होगी, इसे लेकर लोगों में असमंजस बना हुआ है।

उमस भरी गर्मी में लंबे समय तक पंखे-कूलर बंद रहने से घरों में रहना मुश्किल हो रहा है। बिजली कटौती का असर आम जनजीवन के साथ ही पर्व-त्योहार पर भी पड़ रहा है। हाल ही में हरितालिका तीज के निर्जला व्रत के दौरान भी नगर के कई हिस्सों में घंटों बिजली आपूर्ति बाधित रही। उमस और गर्मी के बीच बिना पानी के व्रत रखने वाली महिलाओं को बिजली के अभाव में भी परेशानी झेलनी पड़ी। घरों में पंखे और कूलर बंद रहने से बुजुर्गों और बच्चों की दिक्कत भी बढ़ गई।

फाल्ट की सूचना के बाद घंटों इंतजार

नगरवासियों के अनुसार किसी क्षेत्र में बिजली गुल होने के बाद यह स्पष्ट नहीं हो पाता कि आपूर्ति किस कारण बाधित हुई है और उसे बहाल होने में कितना समय लगेगा। कई बार फाल्ट की जानकारी देकर घंटों आपूर्ति बंद रहती है। तकनीकी खराबी दूर होने तक उपभोक्ताओं को अंधेरे और गर्मी के बीच इंतजार करना पड़ता है। लोगों का कहना है कि फाल्ट की स्थिति में मरम्मत टीम की त्वरित उपलब्धता सुनिश्चित होनी चाहिए।

रोस्टिंग के समय भी पूर्व सूचना नहीं

कई इलाकों में रोस्टिंग के नाम पर भी बिजली आपूर्ति बाधित होने की बात सामने आ रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि रोस्टिंग आवश्यक है तो उसका समय पहले से सार्वजनिक किया जाना चाहिए। अचानक बिजली जाने से घरों के जरूरी काम प्रभावित होते हैं। बिजली पर निर्भर छोटे दुकानदारों, साइबर कैफे, आटा चक्की समेत अन्य कारोबारियों को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

पर्व के दिन भी नहीं मिली राहतहरितालिका तीज के दिन बिजली कटौती ने व्रती महिलाओं की मुश्किल बढ़ा दी। निर्जला व्रत के बीच उमस भरी गर्मी में कई घंटे बिजली न रहने से घरों में पंखे-कूलर बंद रहे। बच्चों और बुजुर्गों को भी परेशानी हुई। नगरवासियों का कहना है कि पर्व-त्योहार के दौरान निर्बाध आपूर्ति की विशेष व्यवस्था होनी चाहिए। ऐसे अवसर पर बिना पूर्व सूचना बिजली कटौती से लोगों की परेशानी और बढ़ जाती है।