जागरण संवाददाता, चोपन (सोनभद्र) : जिले में ओवरलोड वाहनों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए जिलाधिकारी ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। बावजूद इसके पुलिस व परिवहन विभाग के खानापूर्ति के कारण ओवरलोड वाहनों का संचालन बदस्तूर जारी है। जिलाधिकारी एस. राजलिगम ने ओवरलोड वाहनों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए लोढ़ी स्थित टोल प्लाजा के पास तीन शिफ्ट में काम करने के लिए टीम का गठन किया, ताकि आठ-आठ घंटे के दौरान नियमित ओवरलोड वाहनों पर निगरानी रखा जा सके, लेकिन परिवहन व अन्य संबंधित विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से इस अभियान को पलीता लग गया है। आलम यह है कि ओवरलोड वाहन चालक बेखौफ होकर जिले से बाहर निकल रहे हैं। लगातार ओवरलोड वाहनों के संचालन के बाद अब आमजन यह सवाल उठाना शुरू कर दिया है कि क्या यह आदेश महज खानापूर्ति के लिए है। यदि ऐसा है तो ऐसे आदेशों की जरूरत ही क्या? और अगर सख्ती करनी है तो पहले ऐसे अभियानों को बट्टा लगाने वाले अधिकारियों पर नकेल कसने की जरूरत है। टोल पर बदल दे रहे हैं नंबर प्लेट

जिला प्रशासन के आदेश के क्रम में टोल प्लाजा से गुजरने वाले ओवरलोड वाहनों की सूची तैयार कर उनके नंबर से उनकी पहचान कर उनका आनलाइन चालान किया जाए। परिवहन विभाग को इस आदेश के बाद जैसे पंख लग गए। ओवरलोड वाहन चालक टोल पर पहुंचने से पहले अपने गाड़ी का नंबर प्लेट बदलकर उसे टैंपो से लेकर स्कूटर तक का नंबर डालकर बेखौफ होकर टोल बैरियर को पार कर रहे हैं। इसके बाद परिवहन विभाग बिना किसी जांच के धड़ाधड़ ओवरलोड वाहन लदे नंबर प्लेज वाहन स्वामियों को चालान प्रेषित करना शुरू कर दे रहा है, जब किसी चार पहिया वाहन स्वामी के पास ओवरलोड का चालान पहुंचता है तब वह परिवहन विभाग के दफ्तर का चक्कर काटना शुरू करता है।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस