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सोनभद्र में पैसा लेने के मामले में सर्वे कानूनगो को जिलाधिकारी ने किया निलंबित

By mukesh srivastava Edited By: Abhishek sharma
Published: Wed, 07 Oct 2026 05:12 PM (IST)

सोनभद्र में शासकीय कार्यों में अनियमितता के आरोप में ओबरा तहसील के सर्वे कानूनगो सूबेदार सिंह को जिलाधिकारी ने निलंबित ...और पढ़ें

सोनभद्र में रिश्वत के वीडियो पर सर्वे कानूनगो निलंबित, जिलाधिकारी ने की कार्रवाई।

सोनभद्र में रिश्वत के वीडियो पर सर्वे कानूनगो निलंबित, जिलाधिकारी ने की कार्रवाई।

HighLights

  1. ओबरा तहसील के सर्वे कानूनगो सूबेदार सिंह निलंबित।

  2. शासकीय कार्यों में अनियमितता व पैसा लेने का वीडियो।

  3. जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने तत्काल प्रभाव से की कार्रवाई।

जागरण संवाददाता, सोनभद्र। शासकीय कार्यों में अनियमितता के मामले को गंभीरता से लेते हुए ओबरा तहसील के सर्वे कानूनगो (प्रभारी पेशकार), कार्यालय सहायक अभिलेख अधिकारी सूबेदार सिंह को जिलाधिकारी/अभिलेख अधिकारी चर्चित गौड़ ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। प्रकरण में सूबेदार सिंह द्वारा एक व्यक्ति से पैसा लिए जाने का वीडियो सामने आया था।

मामले का संज्ञान लेते हुए प्रशासन ने प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर निलंबन की कार्रवाई की। निलंबन अवधि में संबंधित कर्मचारी को तहसील घोरावल से संबद्ध किया गया है। उन्हें संबद्ध कार्यालय में उपस्थित रहकर अपने दायित्वों का निर्वहन करने तथा सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना अनुपस्थित न रहने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रकरण की विस्तृत जांच के लिए अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) को जांच अधिकारी नामित किया गया है। जांच अधिकारी द्वारा नियमानुसार प्रकरण की जांच कर अपनी आख्या प्रस्तुत की जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि शासकीय कार्यों में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

ओबरा के एआरओ कार्यालय में तैनात पेशकार पर जमीन संबंधी विवाद के एक मामले में रिश्वत मांगने का आरोप लगा है। कोंगा निवासी रामदयाल का आरोप है कि जमीन से जुड़े मामले के निस्तारण के नाम पर उनसे 25 हजार रुपये की मांग की गई। उनका दावा है कि करीब डेढ़ से दो महीने पहले उन्होंने 20 हजार रुपये दिए थे। इसके बावजूद मामले का निस्तारण नहीं हुआ।

इस विषय पर कथित बातचीत का वीडियो मंगलवार को इंटरनेट मीडिया पर प्रचलित हुआ। हालांकि दैनिक जागरण ऐसे किसी वीडियो के प्रचलित होने की पुष्टि नहीं करता है। उधर संबंधित पेशकार सुबेदार का कहना है कि उनके ऊपर आरोप झूठे हैं। जिसका काम नहीं हुआ वह गलत आरोप लगा रहा है।