अनपरा एनर्जी लिमिटेड परियोजना में कोयले की कमी, महज डेढ़ दिन के लिए बचा है कोयले का भंडार
अनपरा एनर्जी लिमिटेड परियोजना में कोयले की भारी कमी हो गई है, जिससे यह क्रिटिकल जोन में पहुंच गई है ...और पढ़ें

अनपरा एनर्जी लिमिटेड में कोयले का संकट गहराया, बिजली उत्पादन पर असर।
HighLights
अनपरा एनर्जी लिमिटेड में कोयले का भंडार डेढ़ दिन का बचा।
परियोजना क्रिटिकल जोन में, विद्युत इकाइयां कम लोड पर चल रहीं।
बारिश ने कोयला आपूर्ति की चुनौती को और बढ़ाया है।
जागरण संवाददाता, अनपरा (सोनभद्र)। जनपद स्थित बिजलीघरों में कोयले की कमी का असर अब विद्युत उत्पादन पर पड़ने लगा है। 1200 मेगावाट क्षमता वाली एमईआईएल अनपरा एनर्जी लिमिटेड परियोजना कोयले की कमी के कारण क्रिटिकल जोन में पहुंच गई है।
परियोजना के पास महज डेढ़ दिन के लिए कोयले का भंडारण बचा है। इसके चलते विद्युत इकाइयों को कम लोड पर संचालित किया जा रहा है। हालांकि एनसीएल से लगातार कोयले की आपूर्ति होने से फिलहाल स्थिति संभली हुई है।
एमईआईएल में मानक के अनुसार 12 दिनों के लिए करीब 1.86 लाख टन कोयले का भंडारण होना चाहिए। वर्तमान में परियोजना के पास लगभग 22 हजार टन कोयले का स्टाक है। जो निर्धारित मानक का महज 11 प्रतिशत है।
परियोजना में प्रतिदिन करीब 12 हजार टन कोयले की खपत हो रही है, जबकि एनसीएल से प्रतिदिन लगभग 14 हजार टन कोयले की आपूर्ति की जा रही है। इसके बावजूद वर्तमान भंडारण के आंकड़े परियोजना के लिए चिंता बढ़ाने वाले हैं। सामान्यरुप से परियोजना संचालन के लिए परियोजना के पास केवल डेढ़ दिन का ही कोयला उपलब्ध है।
बारिश ने बढ़ाई कोयला आपूर्ति की चुनौती
कोल परियोजना प्रबंधन पिछले दिनों हुई बारिश से उत्पादन और प्रेषण में आई समस्या को दूर कर कोयला आपूर्ति पटरी पर लाने में जुटा था। इसी बीच गुरुवार को हुई बारिश ने मुश्किल बढ़ा दी। कोयले की कमी का असर एनसीएल समेत निजी क्षेत्र की तापीय परियोजनाओं पर भी पड़ रहा है। कई विद्युत इकाइयों को कम उत्पादन कर स्थिति संभालनी पड़ रही है।
