जासं, महुली, सोनभद्र : कोरोना काल में दुद्धी ब्लाक के प्राथमिक एवं जूनियर हाईस्कूल के बच्चों को मिलने वाली एमडीएम का खाद्यान सभी बच्चों को नहीं मिल पा रहा है। इससे कई बच्चे कोटेदार के यहां से निराश होकर लौट रहे हैं।

बच्चों एवं उनके माता पिता में आबंटन को लेकर निराशा देखी जा रही हैं। दुद्धी ब्लॉक में संचालित लगभग सभी स्कूलों के बच्चों को खाद्यान्न के लिए प्राधिकार पत्र तो बांट दी गई लेकिन बच्चे जब कोटेदार के यहां खाद्यान्न लेने गए तो खाद्यान्न आबंटन कम होने का हवाला देकर कई बच्चों को कोटेदार ने लौटा दिया। इससे वे बगैर खाद्यान्न लिए घरलौट गए। जुलाई महीने में प्राथमिक तथा उच्च प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को अध्यापकों ने प्राधिकार पत्र वितरण किए हैं जिसके अन्तर्गत प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को चावल 9.2 किलोग्राम तथा गेंहू 4.6 किलोग्राम मिलना था। कोटेदार ने आबंटन के अनुसार लगभग 60-70 प्रतिशत बच्चों को ही खाद्यान्न वितरण कर सके। इसके बाद गल्ला कम आने का हवाला देते बच्चों तथा उनके अभिभावकों को वापस कर दिया गया। अभी भी कई स्कूलों के 30 से 40 प्रतिशत बच्चों को खाद्यान्न नहीं मिल पाया है। अब प्रधानाध्यापक शेष बच्चों को जल्द खाद्यान्न मिलने की बात कह रहे हैं फिर भी अभिभावकों में एक साथ सभी बच्चों को खाद्यान्न नही मिलने से आक्रोश व्याप्त है। खंड शिक्षा अधिकारी दुद्धी आलोक कुमार ने बताया कि कम पड़े खाद्यान्न की मांग की गई हैं। एक-दो दिनों में गल्ला मिलने की उम्मीद है। इसके बाद कोटेदार गल्ला उठान कर अवशेष रह गए बच्चों को खाद्यान वितरण करेंगे।

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