जागरण संवाददाता, सोनभद्र : बजट को लेकर हर वर्ग की उम्मीद होती है। लोक लुभावन की बजाय विकास को प्रशस्त करने वाले बजट की सख्त जरूरत है। विकास के जरिए ही हम विश्व की शक्ति बन सकते हैं। इसलिए बजट हर तरह से परिपूर्ण होना चाहिए। आम लोगों के लिए शिक्षा तथा स्वास्थ्य महत्वूपर्ण है। चिकित्सक, जनपयोगी शिक्षा व स्वास्थ्य को बजट में विशेष तरजीह देने की मांग कर रहे हैं।

चिकित्सकों का कहना है कि शिक्षा की स्थिति को सुधारने की लिए शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत ही स्टाफ व सुविधाओं को बढ़ाने के लिए आम बजट में प्रावधान होना चाहिए। स्वास्थ्य क्षेत्र में भी बहुत कुछ बदलाव करने की जरूरत है। अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा व्यवस्था पहुंचाने के लिए बजट में अलग से प्राविधान किया जाना चाहिए। एनआरएचएम के तहत दिए जाने वाले बजट में बढ़ोतरी के साथ उसके बजट पर निगरानी की सख्त जरूरत है। बजट का उपयोग स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने की बजाय अन्य क्षेत्रों पर अधिक होता है। एम्स जैसे संस्थान खोलने के साथ ही चिकित्सकों की कमी को पूरा करने के लिए जिला स्तर पर मेडिकल कालेज खोलना भी आवश्यक है। वरिष्ठ नागरिकों को आयकर से छूट प्रदान की जाए। बोले चिकित्सक ..

- आने वाला आम बजट बजट समानता का बजट होना चाहिए। इसमें मध्यम व निम्न वर्ग का विशेष ख्याल रखा जाए। खासकर कमजोर तबके के किसानों के हित में बजट लाना चाहिए। वहीं नए स्टार्टअप को इससे अधिक प्राथमिकता मिलनी चाहिए। बजट में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण को छोटे व मध्यम वर्ग के व्यापार को बढ़ावा देने के लिए टैक्स में छूट व विशेष प्रावधान किया जाना चाहिए। - डा. पीबी गौतम।

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- देश के विकास के लिए स्वास्थ्य व शिक्षा के स्तर में सुधार होना चाहिए। बजट में इसको प्राथमिकता देनी चाहिए। सरकारी स्कूलों व स्वास्थ्य केंद्रों में शिक्षकों व चिकित्सकों के रिक्त पड़े पदों को भर कर संसाधनों को और बेहतर बनाने की जरूरत है। शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत सभी स्कूलों में सुविधाओं के साथ उसके अनुरूप स्टाफ की नियुक्ति होनी चाहिए। इसी तरह की व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग में भी होनी चाहिए। आयकर छूट की सीमा को और सरल किया जाना चाहिए। - डा. आरबी पांडेय।

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- कभी गैस की कीमतों में इजाफा तो कभी कमी और फिर बढ़ोतरी। इसी तरह रसोई तक आने वाली हर चीज के दाम लगातार बढ़ते ही जाते हैं। डीजल-पेट्रोल की कीमतों के बढ़ने का असर हमारी रसोई पर पढ़ता है। इस दिक्कत से बचाने वाला बजट होना चाहिए।

- डा. वीके श्रीवास्तव।

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- स्वास्थ्य क्षेत्र की सेहत सुधारने के लिए ठोस कदमों का लंबे समय से इंतजार है। बजट में यदि हर व्यक्ति को अच्छी स्वास्थ्य सेवाओं का अधिकार मिले तो यह सबसे बेहतर होगा। सरकार नए सिरे से पालिसी तैयार कर आज की जरूरतों के मुताबिक सभी रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरें। चिकित्सकों को बेहतर सुविधा मिले ताकि उनके द्वारा बीच में ही नौकरी छोड़ने की प्रवृति कम हो सके। स्पेशियलिटी सेवाओं के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध हो तथा जो बजट चिकित्सा सुविधाओं पर खर्च हो उसकी मानीटरिग के लिए भी पारदर्शी व्यवस्था की जानी चाहिए। -डा. प्रमोद प्रजापति।

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-आज के समय में चाहे कोई भी उद्योग हो मंदी का असर सभी पर है। इसका उदाहरण जिले में स्थित खनन व्यवसाय है। जिसके बंद होने से हर वर्ग के लोग परेशान हैं। मकान नहीं बना पा रहे हैं। सबसे अधिक परेशानी कर व्यवस्था को लेकर होती है। जिसमें बेहद सुधारों की जरूरत है। कर चुकाने की व्यवस्था पूरी तरह से आनलाइन तथा पारदर्शी होनी चाहिए। खनन के साथ ही जिले में पर्यटन उद्योग की अपार संभावनाएं हैं। इसे बढ़ावा देने के लिए होटलों को टैक्स से छूट मिले ताकि मंदी में यह उद्योग उबर सके। - डा. एसएस पांडेय। -आम बजट को लेकर हर वर्ग उम्मीदों के साथ इंतजार में है। बजट से जहां कर्मचारी वर्ग को आयकर सीमा बढ़ने का इंतजार है तो आम लोगों को स्वास्थ्य व शिक्षा क्षेत्र में अच्छे दिनों की उम्मीद है। सभी वर्गो के लोगों को उम्मीद है कि मोदी सरकार अपने वायदों के अनुरूप अच्छा बजट लेकर आएंगी ताकि सभी क्षेत्रों में सुधार की रफ्तार बढ़ सके। - डा. अशोक कुमार बोले सीए .. -महंगाई ने सभी को परेशान कर रखा है। आम बजट में उन स्थितियों को तलाशना चाहिए जिससे महंगाई पर अंकुश लग सके। इसके लिए पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में कमी, कृषि क्षेत्र के उपकरण, बीज व खाद को सस्ते दर पर किसानों को उपलब्ध कराने से ही देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। - सुरेंद्र सिंह, चार्टर एकाउंटेंट

Posted By: Jagran

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