बांदा की एएसपी मेविस टाक बनीं सोनभद्र की अपर पुलिस अधीक्षक, 2022 बैच की हैं आइपीएस
2022 बैच की आईपीएस अधिकारी मेविस टाक को बांदा से सोनभद्र का नया अपर पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है, ...और पढ़ें

सोनभद्र को मिली नई अपर पुलिस अधीक्षक मेविस टाक, 2022 बैच की आईपीएस अधिकारी संभालेंगी कमान।
HighLights
मेविस टाक सोनभद्र की नई अपर पुलिस अधीक्षक बनीं।
2022 बैच की आईपीएस अधिकारी, बांदा से तबादला।
कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा पर जोर।
जागरण संवाददाता, सोनभद्र। उत्तर प्रदेश शासन ने शनिवार को भारतीय पुलिस सेवा (आइपीएस) और प्रादेशिक पुलिस सेवा (पीपीएस) के अधिकारियों के तबादले की घोषणा की। इस क्रम में जनपद सोनभद्र को नई अपर पुलिस अधीक्षक के रूप में मेविस टाक मिली हैं, जो 2022 बैच की तेजतर्रार आइपीएस अधिकारी हैं।
उन्हें बांदा में सहायक पुलिस अधीक्षक के पद से सोनभद्र में अपर पुलिस अधीक्षक के पद पर नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति 19 सितंबर 2026 से प्रभावी होगी। सोनभद्र में मेविस टाक के कंधों पर कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, यातायात प्रबंधन और पुलिस प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी। यह जिला नक्सल प्रभावित और औद्योगिक रूप से संवेदनशील है, इसलिए एक युवा और ऊर्जावान अधिकारी की तैनाती को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बांदा में अपने कार्यकाल के दौरान मेविस टाक ने पुलिसिंग की नई मिसाल पेश की। उन्होंने यातायात नियमों के पालन, साइबर अपराध से बचाव, महिला हेल्प डेस्क को सक्रिय करने और थानों के निरीक्षण के लिए विशेष अभियान चलाए। मिश्रित आबादी वाले संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल के साथ पैदल गश्त कर उन्होंने आमजन में सुरक्षा का भरोसा जगाया।
रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और जीआइसी ग्राउंड में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेकर उन्होंने पुलिस-जन संवाद को भी मजबूत किया। उनके इन्हीं कार्यों के कारण जनवरी 2026 में उन्हें सहायक एसपी से अपर पुलिस अधीक्षक के पद पर पदोन्नति मिली थी।
मेविस टाक का जीवन संघर्ष और प्रेरणा से भरा है। वह महाराष्ट्र के मीरा-भायंदर की रहने वाली हैं और इस क्षेत्र से सिविल सर्विस क्रैक करने वाली पहली लड़की हैं। उन्होंने रायल कालेज आफ आर्ट्स, साइंस एंड कॉमर्स, मीरा रोड से पालिटिकल साइंस में स्नातक और मुंबई यूनिवर्सिटी से परास्नातक किया है।
उन्होंने यूपीएससी 2021 की परीक्षा में 386वीं रैंक हासिल कर आइपीएस बनने का गौरव प्राप्त किया। उनके पिता अब्दुल करीम टाक एक फ्रीलांस ट्रांसलेटर हैं और परिवार में अकेले कमाने वाले सदस्य हैं। परिवार में माता-पिता और तीन बेटियां हैं।
पिता का खुद सिविल सर्विस का सपना अधूरा रह गया, लेकिन उन्होंने अपनी तीनों बेटियों को सिविल सर्वेंट बनाने के लिए पूरा जीवन लगा दिया। मेविस अक्सर कहती हैं, "My father is my main support" यानी पिता ही मेरे मुख्य सहारा हैं। उनकी बड़ी बहन भी सिविल सर्विस परीक्षा में महज दो अंकों से रह गई थीं, जबकि छोटी बहन भी इसी राह पर आगे बढ़ रही है।
साधारण पृष्ठभूमि से आकर असाधारण मुकाम हासिल करने वाली मेविस टाक को बांदा में स्वतंत्रता दिवस पर कालेज में ध्वजारोहण के लिए मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था। अब सोनभद्र वासियों को उम्मीद है कि उनकी संवेदनशील, ईमानदार और जन-केंद्रित पुलिसिंग से जिले में कानून-व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी और महिला सुरक्षा को नई दिशा मिलेगी। वैसे मेविस के पिता मूल रूप से राजस्थान के पाली की निवासी हैं।
