सोनभद्र में बोलीं अनुप्रिया पटेल - सत्ता से बाहर होने पर ही सपा को याद आता है पीडीए
केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने सोनभद्र में सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता से बाहर होने पर ही ...और पढ़ें

अनुप्रिया पटेल का सपा पर तीखा हमला, बोलीं- सत्ता से बाहर होने पर ही याद आता है पीडीए और जातीय जनगणना।
HighLights
अनुप्रिया पटेल ने सोनभद्र में सपा पर पीडीए राजनीति को लेकर साधा निशाना।
कहा, सत्ता में रहते हुए सपा को पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यकों की चिंता नहीं थी।
कार्यकर्ताओं से 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी में अभी से जुटने का आह्वान किया।
जागरण संवाददाता, सोनभद्र। अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने रविवार को रॉबर्ट्सगंज स्थित डीआर ड्रीम्स हाल में आयोजित कार्यकर्ता समागम में समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने कहा कि सत्ता से बाहर होने के बाद ही सपा को पीडीए की याद आती है। सत्ता में रहते हुए पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समाज के हितों की उसे चिंता नहीं थी। अब चुनाव नजदीक आते ही इन वर्गों के नाम पर राजनीति की जा रही है।
उन्होंने कहा कि अपना दल (एस) पिछड़े, दलित, शोषित और वंचित समाज के अधिकारों की लड़ाई लगातार लड़ता रहा है। पार्टी ने सदन से सड़क तक इन वर्गों की आवाज उठाई है। कार्यकर्ताओं से गांव-गांव पहुंचकर लोगों को पार्टी की नीतियों और सरकार में किए गए कार्यों की जानकारी देने का आह्वान किया।
जातीय जनगणना के मुद्दे पर भी अनुप्रिया पटेल ने सपा को घेरा। उन्होंने कहा कि 2011 में जब जातीय जनगणना का अवसर था, उस समय प्रदेश में सपा की सरकार थी और केंद्र में भी उसकी सहयोगी सरकार थी। इसके बावजूद इस दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। अब जातीय जनगणना शुरू होने के बाद इसका श्रेय लेने की राजनीति की जा रही है।
आरक्षण को लेकर उन्होंने कहा कि यह संविधान प्रदत्त अधिकार है, कोई खैरात नहीं। जब तक समाज में भेदभाव और सरकारी सेवाओं में पिछड़े वर्गों का बैकलाग है, तब तक आरक्षण की आवश्यकता बनी रहेगी।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी में अभी से जुटने तथा बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया। कहा कि चुनाव में मजबूत संगठन और सक्रिय कार्यकर्ताओं की भूमिका निर्णायक होगी।
