विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

2630 मेगावाट की अनपरा परियोजना में महज चार दिन का कोयला, बंद होने की आ गई नौबत

By mukesh srivastava Edited By: Abhishek sharma
Published: Wed, 30 Sep 2026 01:54 PM (GMT+05:30)

सोनभद्र की 2630 मेगावाट अनपरा तापीय परियोजना में कोयले का गंभीर संकट बना हुआ है, जहां केवल चार दिन का ...और पढ़ें

2630 मेगावाट अनपरा परियोजना में कोयला संकट: मात्र चार दिन का स्टॉक शेष।

2630 मेगावाट अनपरा परियोजना में कोयला संकट: मात्र चार दिन का स्टॉक शेष।

HighLights

  1. अनपरा परियोजना में केवल 1.31 लाख टन कोयला उपलब्ध।

  2. मौजूदा खपत के आधार पर चार दिन का कोयला शेष।

  3. एनसीएल से आपूर्ति में सुधार, प्रबंधन की कड़ी निगरानी।

जागरण संवाददाता, अनपरा (सोनभद्र)। उत्पादन निगम की सबसे बड़ी 2630 मेगावाट क्षमता वाली अनपरा तापीय परियोजना में कोयले का संकट अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। परियोजना में बुधवार को करीब 1.31 लाख टन कोयला उपलब्ध रहा, जबकि 12 दिनों के संचालन के लिए 4.54 लाख टन कोयले का मानक स्टाक निर्धारित है।

मौजूदा खपत के आधार पर परियोजना में महज चार दिन का कोयला शेष है। ऐसे में प्रबंधन की नजर लगातार कोयले के स्टाक और एनसीएल से होने वाली आपूर्ति पर बनी हुई है।

परियोजना में प्रतिदिन करीब 34 हजार टन कोयले की खपत हो रही है।इसके मुकाबले बुधवार को एनसीएल से करीब 39 हजार टन कोयले की आपूर्ति हुई। इससे फिलहाल परियोजना में कोयले की उपलब्धता और आपूर्ति के बीच संतुलन बना हुआ है। पिछले दो दिनों से बारिश थमने और मौसम साफ होने के बाद एनसीएल की खदानों में उत्पादन व कोयला प्रेषण में तेजी आई है।

इसका असर अनपरा परियोजना को मिलने वाली आपूर्ति पर भी दिखाई देने लगा है। प्रबंधन को उम्मीद है कि मौसम अनुकूल रहने पर आने वाले दिनों में आपूर्ति और बेहतर होगी।

प्रदेश की निजी एवं अन्य सार्वजनिक क्षेत्र की विद्युत इकाइयों के चालू होने से बिजली की मांग में कुछ कमी आई है। इसके चलते अनपरा परियोजना की इकाइयों से थर्मल बैकिंग कराई जा रही है। इकाइयों को अपेक्षाकृत कम लोड पर संचालित किए जाने से कोयले की दैनिक खपत में भी कुछ कमी आई है। मंगलवार को 500 मेगावाट क्षमता वाली छठवीं इकाई के बंद होने से भी कुल कोयला खपत पर असर पड़ा है।