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सोनभद्र में लम्बे इन्तजार के बाद ओबरा 'सी' परियोजना से ब‍िजली उत्पादन हुआ शुरु

By mukesh srivastava Edited By: Abhishek sharma
Published: Sat, 03 Oct 2026 12:57 PM (IST)

सोनभद्र में ओबरा 'सी' परियोजना की 660 मेगावाट की पहली इकाई ने तीन महीने बाद बिजली उत्पादन शुरू कर दिया ...और पढ़ें

सोनभद्र में ओबरा 'सी' परियोजना से बिजली उत्पादन फिर शुरू, प्रदेश को मिलेगी राहत।

सोनभद्र में ओबरा 'सी' परियोजना से बिजली उत्पादन फिर शुरू, प्रदेश को मिलेगी राहत।

HighLights

  1. ओबरा 'सी' की पहली 660 मेगावाट इकाई ने उत्पादन शुरू किया।

  2. तीन महीने बाद डीसीएस खराबी ठीक होने पर बिजली बनी।

  3. दूसरी इकाई भी जल्द लोड पर, त्योहारों में आपूर्ति सुधरेगी।

जागरण संवाददाता, ओबरा (सोनभद्र)। डीसीएस (डिस्ट्रिब्यूटेड कंट्रोल सिस्टम) में आई खराबी के कारण करीब तीन महीने से बंद ओबरा 'सी' परियोजना की 660 मेगावाट क्षमता वाली पहली इकाई से लम्बे इन्तजार के बाद शुक्रवार देर रात बिजली उत्पादन शुरू हो गया। लंबे समय से बंद इस इकाई के दोबारा उत्पादन में आने से प्रदेश की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को महत्वपूर्ण सहारा मिलने की उम्मीद जगी है।

वहीं करीब दो महीने से ब्वायलर रिसर्कुलेशन पंप में खराबी के कारण बंद दूसरी इकाई को भी जल्द लोड पर लेने की तैयारी तेज कर दी गई है। ओबरा 'सी' परियोजना की दोनों इकाइयों की कुल क्षमता 1320 मेगावाट है। ऐसे में दूसरी इकाई से भी उत्पादन शुरू होने के बाद प्रदेश की उपलब्ध विद्युत उत्पादन क्षमता में एक साथ 1320 मेगावाट की बढ़ोतरी होगी।

इससे बढ़ती बिजली मांग के बीच प्रदेश को अतिरिक्त बिजली उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी और अन्य स्रोतों से बिजली खरीद पर निर्भरता का दबाव भी कम होगा। दरअसल दुर्गा पूजा, विजयादशमी और दीपावली के दौरान प्रदेश में बिजली की मांग सामान्य दिनों की अपेक्षा बढ़ जाती है। पूजा पंडालों में रोशनी और सजावट के साथ ही घरेलू एवं व्यावसायिक खपत बढ़ने से विद्युत व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव रहता है।

ऐसे में प्रमुख विद्युत उत्पादन इकाइयों को समय से पहले दुरुस्त कर उत्पादन में लाने पर जोर दिया जा रहा है। परियोजना प्रबंधन की ओर से दोनों इकाइयों को जल्द से जल्द पूरी क्षमता के साथ संचालित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों को इकाइयों की तकनीकी खामियां समय रहते दूर करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि त्योहारों के दौरान बिजली की मांग में अचानक वृद्धि होने पर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में निर्बाध और आवश्यकतानुसार विद्युत आपूर्ति बनाए रखने में मदद मिल सके।

ओबरा परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक इं. दूधनाथ ने बताया कि प्रदेश में बढ़ती बिजली की जरूरत और मांग को देखते हुए ओबरा 'सी' की पहली इकाई को लोड पर ले लिया गया है। दूसरी इकाई को भी अगले एक-दो दिनों में लोड पर लेने का प्रयास किया जा रहा है।