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संजय सिंह ने सोनभद्र में उठाया तीर कमाना तो साधे कई मुद्दे, कहा - 'जमीन अधिग्रहण के खिलाफ आंदोलन करेगी आप'

By Prashant Kumar Shukla Edited By: Abhishek sharma
Published: Tue, 13 Oct 2026 07:04 PM (IST)

सोनभद्र में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता सम्मेलन में राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने विंध्य एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण ...और पढ़ें

संजय सिंह ने सोनभद्र में उठाया किसानों की जमीन अधिग्रहण का मुद्दा, AAP करेगी आंदोलन।

संजय सिंह ने सोनभद्र में उठाया किसानों की जमीन अधिग्रहण का मुद्दा, AAP करेगी आंदोलन।

HighLights

  1. भूमि अधिग्रहण के खिलाफ AAP करेगी जनांदोलन।

  2. किसानों को विंध्य एक्सप्रेसवे के लिए उचित मुआवजा मिले।

  3. संजय सिंह ने मतदाता सूची गड़बड़ी पर भी सवाल उठाए।

जागरण संवाददाता, सोनभद्र। घोरावल विधानसभा क्षेत्र के करकी गांव में मंगलवार को आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता सम्मेलन एवं जनसंवाद में राज्यसभा सदस्य और प्रदेश प्रभारी संजय सिंह ने स्थानीय किसानों की समस्याओं से लेकर राष्ट्रीय मुद्दों तक सरकार को घेरा। उन्होंने विंध्य एक्सप्रेसवे के लिए करीब 72 गांवों की जमीन के अधिग्रहण का मुद्दा उठाते हुए किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की।

इस मामले में पार्टी ने जनांदोलन शुरू करने की बात कही। संजय सिंह ने आरोप लगाया कि अधिग्रहण से प्रभावित किसानों को उपजाऊ जमीन का उचित मुआवजा नहीं मिल रहा है। उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों को गांवों में जाकर किसानों से संपर्क करने और आंदोलन की रणनीति बनाने की जिम्मेदारी सौंपी।

वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में सीटों के बंटवारे और गठबंधन के सवाल पर कहा कि अंतिम निर्णय पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक लेंगे। सम्मेलन में सिंगरौली की महापौर रानी अग्रवाल, प्रांत अध्यक्ष पवन तिवारी, जिलाध्यक्ष रमेश गौतम आदि रहे।

मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप,जांच की मांग
आप नेता ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर देशभर में 13.37 करोड़ वोट काटे जाने का आरोप लगाया। उन्होंने कथित अनियमितताओं की जांच, बैलेट पेपर से मतदान और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति निष्पक्ष पैनल से कराने की मांग की। इसके साथ ही आरोप लगाया कि प्रदेश में स्कूलों के विलय के नाम पर 26 हजार सरकारी विद्यालय बंद किए गए हैं।

उन्होंने अस्पतालों में मोमबत्ती की रोशनी में आपरेशन होने का दावा किया। दिल्ली में बेटियों और पत्रकारों के साथ कथित दुर्व्यवहार की आलोचना की। उन्होंने यूपीआइ पर प्रस्तावित शुल्क को भी आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताया। मध्य प्रदेश में अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए।