सोनभद्र में अनोखी आस्था, झाड़ू बहारन की पारंपरिक रस्म के साथ पूजन अर्चन कर की समृद्धि की कामना
सोनभद्र के छतरपुर में महिलाओं ने डिहवार बाबा स्थान पर झाड़ू-बहारन की पारंपरिक रस्म निभाई। उन्होंने गांव में अमन-चैन, सुख-समृद्धि ...और पढ़ें

सोनभद्र में डिहवार बाबा स्थान पर महिलाओं ने की सुख-समृद्धि की कामना।
HighLights
महिलाओं ने डिहवार बाबा स्थान पर पारंपरिक पूजा की।
झाड़ू-बहारन रस्म से गांव में सुख-शांति की कामना।
आदिवासी व पिछड़े समाज की महिलाएं हुईं शामिल।
जागरण संवाददाता, विंढमगंज (सोनभद्र)। थाना क्षेत्र के झारखंड बार्डर पर स्थित ग्राम छतरपुर स्थित डिहवार बाबा स्थान पर बुधवार की सुबह महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ पूजा-अर्चना कर गांव में अमन-चैन, सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आदिवासी एवं पिछड़े समाज की महिलाएं शामिल हुईं।
डिहवार बाबा के संचालक रामप्यारे चेरो के नेतृत्व में महिलाओं ने झारखंड बार्डर पर स्थित अपने क्षेत्र में सामूहिक रूप से झाड़ू-बहारन की पारंपरिक रस्म निभाई। इसके बाद सभी महिलाएं डिहवार बाबा के स्थान पर पहुंचीं, जहां रंग-बिरंगे पारंपरिक गीत गाकर बाबा की पूजा-अर्चना की गई। ग्रामीणों की मान्यता है कि इस पारंपरिक आयोजन के माध्यम से गांव में किसी प्रकार की आफत-विपत्ति न आए और सभी परिवार सुख-शांति से रहें। पूजा-अर्चना के बाद महिलाओं ने कार्यक्रम का समापन किया और खुशी-खुशी अपने घर लौट गईं। इस मौके पर रामप्यारे चेरो, दीनदयाल विश्वकर्मा, रमाकांत विश्वकर्मा, शिवकुमार यादव, राजेश कुमार यादव, इंकुवारी देवी, सुधानी देवी, मीना देवी, बुधनी देवी, मंजू देवी, राजमती देवी, रानी देवी आदि मौजूद रहीं।
