जागरण संवाददाता, सोनभद्र : किसी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने त्याग पत्र दे दिया तो किसी की लापरवाही के कारण सेवा समाप्त कर दी गई। बावजूद इसके तत्कालीन सुपरवाइजर व सीडीपीओ की मिलीभगत से ये कार्यकर्ता लगातार मानदेय लेते रहे। राब‌र्ट्सगंज ब्लाक के ऐसे छह आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से तीन लाख 16 हजार 900 रुपये की रिकवरी का आदेश जारी किया गया है। इसमें से कई ने कुछ रुपये सरकारी खजाने में जमा भी किया है लेकिन एक ने अभी तक एक रुपया भी जमा नहीं किया और एक पहली किस्त देकर शांत हो गई। ऐसे में इन्हें तीसरी और अंतिम नोटिस सोमवार को दी गई। इसकी विस्तृत जांच घोरावल व राब‌र्ट्सगंज ब्लाक के सीडीपीओ संयुक्त रूप से कर रहे हैं।

बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग से जुड़कर काम करने वाली बुड़हर कला की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता निर्मला, परसौटी की सहायिका धनपत्ती, कुरूहुल की संगीता, कुसी की रेखा, तरावां की सुभांसी व सलखन की अंकिता की सेवा समाप्त बीते वर्षों में ही हो गई थी। बावजूद इसके ये सभी मानदेय ला रही थीं। इसकी जानकारी जब विभागीय अधिकारियों को हुई तो उन्हें नोटिस जारी कर रिकवरी कराने का आदेश दिया। जिला कार्यक्रम अधिकारी अजीत कुमार ¨सह के मुताबिक सभी पर कुल तीन लाख 16 हजार 900 रुपये की रिकवरी बनी है। किस पर कितने की रिकवरी

विभागीय अधिकारियों के मुताबिक बुड़हर कला की निर्मला पर 49 हजार 400 की रिकवरी का आदेश है लेकिन इन्होंने अभी तक कोई धन जमा नहीं किया। इसी तरह परसौटी की धनपत्ती से 29 हजार 600 रुपये वसूला जाना था, इन्होंने पूरा जमा कर दिया। कुरूहुल की संगीता पर एक लाख 2400 रुपये की रिकवरी बनी जिसमें से सत्तर हजार रुपये जमा हुए हैं। कुसी की रेखा पर एक लाख 300 रुपये की रिकवरी बनी थी, जिसमें से उन्होंने एक किस्त के रूप में दस हजार रुपये मात्र दिया है। तरावां की सुभांसी पर 78 हजार 800 बना तो उन्होंने पूरा जमा कर दिया वहीं सलखन की अंकिता से भी रिकवरी कराने का आदेश हुआ। सहायिका की सेवा समाप्त

सोनभद्र : जिला कार्यक्रम अधिकारी अजीत कुमार ¨सह के मुताबिक सितंबर 2018 से लापरवाही पूर्वक कार्य करने वाली चुर्क नगर पंचायत के वार्ड नंबर चार की सहायिका आशा देवी की सेवा समाप्त कर दी गई है। वह काफी दिनों तक अनुपस्थित रहीं। इसके बारे में पता तब चला जब केंद्र का निरीक्षण किया गया। ऐसे में सुपरवाइजर व तत्कालीन प्रभारी सीडीपीओ द्वारा पहले कोई सूचना न दिए जाने के कारण दोनों को नोटिस जारी कर उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है। बताया कि सुपरवाइजर कमला देवी व प्रभारी सीडीपीओ मंजूलता से स्पष्टीकरण मांगा गया है। तीन दिन के भीतर संतोषजनक जवाब न देने पर मानदेय के रूप में दिए गए 30 हजार रुपये की वसूली भी की जाएगी।

Posted By: Jagran

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप